Haridwar Kumbh Mela 2021: छह अप्रैल को निकलेगी बैरागी अखाड़ों की पेशवाई
हरिद्वार: तीनों बैरागी अखाड़ों ने चंडी पूजन, धर्म ध्वजाएं फहराने और नगर प्रवेश के साथ पेशवाई की तिथि घोषित कर दी हैं। श्रीपंच निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्रदास ने कहा कि एक अप्रैल को चंडी पूजन और दो अप्रैल को तीनों अखाड़ों की धर्म ध्वजाएं फहराई जाएंगी। छह अप्रैल को नगर प्रवेश के साथ भव्य पेशवाई निकाली जाएगी। शुक्रवार को तीनों अखाड़ों श्रीपंच निर्मोही अखाड़ा, श्रीपंच निर्वाणी अखाड़ा और श्रीपंच दिगंबर अखाड़े के संतों की बैरागी कैंप में बैठक हुई। बैठक में कुंभ मेले में बैरागी संप्रदाय के साधु-संतों के नगर प्रवेश और पेशवाई को लेकर मंथन किया। सर्वसम्मति से पेशवाई की तारीख घोषित की गई।
श्रीपंच निर्वाणी अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि सरकार वैष्णव संतों की उपेक्षा कर रही है। कुंभ मेले में बैरागी संत ही आकर्षण का केंद्र होते हैं। सरकार को तुरंत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर मेले से संबंधित सभी कार्य पूर्ण करने चाहिए। सरकार को सनातन धर्म पर कुठाराघात नहीं करना चाहिए। बैरागी कैंप क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाए। बैरागी संतों को भूमि आवंटित की जाए।
इस दौरान बाबा हठयोगी, श्रीमहंत विष्णुदास, महंत प्रह्लाद दास, महंत दुर्गादास, महंत प्रेमदास, महंत प्रमोददास, महंत शत्रुघ्नदास, महंत हितेश दास, महंत सुमित दास, महंत सूरज दास आदि संत उपस्थित रहे। श्रीपंच दिगंबर अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत किशन दास ने कहा कि मेला प्रशासन बैरागी संतों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। संतों ने कुंभ मेले में कोरोना की एसओपी के कड़े मानकों को धार्मिक परंपराओं से छेड़छाड़ बताया। कहा कि कोरोनाकाल में सरकार कार्यक्रम हो रहे हैं। लाखों की संख्या में आंदोलित किसानों को अनुमति दी जा रही है। लेकिन कुंभ के भजन-कीर्तनों पर क्यों रोक लगाई जा रही है।

