दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हुआ पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य वैश्विक मुद्दे का आयोजन
हरिद्वार।
गुरूकुल कांगड़ी सम-विश्वविद्यालय हरिद्वार के वनस्पति एवं सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य-वैश्विक मुद्दे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रो० डॉ सुनील कुमार जोशी, कुलपति उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय ने अच्छे स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए दो शब्दों में बड़ा मंत्र दिया। उन्होने कहा कि सबसे अचूक दवा साफ पानी स्वच्छ हवा है । उन्होने कहा कि बहुत ही दुखद बात है कि मनुष्य ने इन दोनों प्राकृतिक स्रोतों को अवांछनीय रूप से प्रदूषित किया है। प्रो जोशी ने कहा कि एक मनुष्य औसतन दिन में पांच से सात बार शौचालय का उपयोग करता है जिसके चलते वह हर बार कई लीटर स्वच्छ जल को गंदा कर गंदे नाले में विसर्जित कर देता है। दुर्भाग्य से उसी पानी को फिर से रीसायकल कर उपयोग में लाया जाता है । बहुत सारी बीमारियां केवल गंदे जल एवं अस्वच्छ वायु के कारण ही पनपता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करेते हुये गु० का० सम-विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति प्रो० सोमदेव शतांशु ने कहा कि पर्यावरण समस्या वर्तमान एवं भविष्य की सबसे बडी विभिषका है जो कि मानव द्वारा वर्तमान दौर में प्रकृति के संसाधनों का दोहन कर अपने स्वार्थों हेतु हानिकारक रसायनों का प्रयोग कर प्रकर्ति के संतुलन को बिगड़ने का कार्य कर रहे है। वेदों के अनुसार इन सभी समस्यों का हल यज्ञ है। हमें प्रतिदिन भौतिक्तावादी को त्याग कर प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर सम विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो० सुनील कुमार ने गुरूकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय की स्थापना एवं उद्देश्य के विषय में विस्तार से अवगत कराते हुए कार्यक्रम में भाग ले रहे प्रतिभागियों से आह्वान किया कि दो दिनों तक चलने वाले जो निष्कर्ष निकालकर आएंगे वह हमारे पर्यावरण व हमारे आरोग्य जीवन के निर्वहन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने में सहायक होंगे। उन्होने कहा कि विश्वविद्यालय के संस्थापक अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द ने भारतीय ज्ञान परम्परा एवं संस्कृति को बचाये रखने के लिए लॉर्ड मेकाले कि शिक्षा पद्धति के विपरीत गुरूकुलिए परम्परा पर आधारित भारत में किसी भारतीय द्वारा स्थापित पहला विश्वविद्यालय है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रो० नवनीत, विभागाध्यक्ष, वनस्पति एवं सूक्ष्म जीव विज्ञान ने विभागीय स्थापना एवं उददेश्य से अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए पूर्व कुलपति प्रो० डी० के० माहेश्वरी ने प्रतिभागियों को रासायनिक खादों के अधिक उपयोग से होने वाले हानिकारक दुष्प्रभाव एवं उत्पन्न होने वाले पर्यावरणीय समस्याओं से अवगत कराया। प्रो० आर० सी० दूबे डीन रिसर्च ने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने प्रकृति एवं पर्यावरणीय के विषय में विस्तार से वर्णन किया हमें उनके बताए एवं सुझाये गये पर्यावरण के उपायों को अपनाकर प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर विकास करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ यू०एस० शिल्पी एम०डी० मेडिसिन बी०एच०ई०एल० हॉस्पिटल हरिद्वार ने भी प्रतिभागियों को पर्यवणीय समस्याओं को एवं उनके कारकों के विषय में अवगत कराया।
आयोजन गुरुकुल काँगड़ी समविश्वविद्यालय व डॉ हेमेन्द्र कुमार महाप्रबन्धक, वेलडन बायोटेक इन्डिया लिमिटेड सिडकुल हरिद्वार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रो० मुकेश कुमार आयोजक सचिव अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनरूः पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य-वैश्विक मुद्दे ने प्रतिभागीयों को अंतराश्ट्रीय सम्मेंलन के विषय एवं उददेष्यों से अवगत कराया। उन्होने कहा कि आजकल की भाग दौड भरी जिन्दगी में अच्छा स्वास्थय ही मनुष्य की बहुमुल्य संपदा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों एवं प्रतिभागीयों के लिए स्वागत भाषण डॉ० वरिन्द्रर विक्र प्रभारी सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग एवं धन्यवाद प्रस्ताव ( वोट आफ थैंक्स) डॉ० कल्पना सागर कन्या गुरूकुल परिसर गुरूकुल कांगडी समविष्वविद्यालय द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ० नवीन कुमार देव सुमन विश्वविद्यालय, डॉ० उषा शर्मा ऋषिकुल आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय विशेष रूप से उपस्थित रहें।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा रंगोली एवं विज्ञान के मॉडल की प्रतियोगिता करायी गयी। इस प्रतियोगिता में राजकमल कॉलेज ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट, हरिओम डिग्री कालेज लंढौरा , एवं कन्या गुरूकुल के छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग लिया। इस अवसर पर भेषज विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० एस० के० राजपूत, डॉ० विपिन कुमार शर्मा समन्वयक, डॉ० अश्वनी जांगडा, डॉ पीयूष सिधल, दीपक नेगी, बलवंत रावत, डॉ० मजुशा कौशिक डॉ० आभा शुक्ला, डॉ० ऋतु अरोड़ा कन्या गुरूकुल कैंपस ने सम्मेलन में सहयोग एवं प्रतिभाग किया । डॉ० विनित कुमार विश्नोई ने मंच का संचालन एवं प्रबंधन किया। विभाग के सभी शिक्षक डॉ० के०के० गुप्ता, डॉ० संदीप कुमार, डॉ० हरीश चन्द्रा, डॉ० चिरंजीव बनर्जी एवं शिक्षेत्तर कर्मचारी अमरीश कुमार, अरुण कुमार, शिवकुमार, मनोज सिंह, गुरप्रीत सिंह, समरेन्द्र रतूड़ी, कुलभूषण शर्मा, हेमंत सिंह नेगी एवं शोध छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।

