जाट महासभा ने की स्वामी यतिश्वरानंद से मुलाकात
विक्रमजीत सिह
हरिद्वार,
हरिद्वार जाट महासभा के एक प्रतिनिधि मण्डल ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद से मिलकर हरिद्वार में जाट समाज की धर्मशाला के लिए भूमि आवंटित करने की माँग की। धर्मशाला केवल जाट ही नहीं अपितु हर समाज के गरीब लोगों के लिए निःशुल्क होगी साथ ही सरकार से पिछले वर्ग आयोग में जाट समाज के नेता को जिम्मेदारी देने की माँग की। स्वामी यतिश्वरानंद ने सभी माँगो को मुख्यमंत्री के सामने रखने का भरोसा दिया। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद ने कहा कि भाजपा सरकार व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर वर्ग के जाती के लोगों के विकास के लिए बिना भेदभाव के कार्य कर रहे हैं। गरीब लोगों के लिए निःशुल्क ठहरने के लिए धर्मशाला का बनना अच्छी बात है और ये बड़ी सोच है कि उसमे कोई भी किसी भी समाज का व्यक्ति निःशुल्क ठहरेगा। जाट महासभा के संरक्षक संजीव चौधरी ने कहा कि जाट माहसभा कोई एक जाति के लिए ही नहीं अपितु समाज के हर शोषित वंचित वर्ग के साथ खाड़ी होगी और जाट धर्मशाला बनाने के पीछे भी यही मकसद है कि देश के कोने-कोने से आने वाले किसी भी जाति, समाज के गरीब लोगों को हरिद्वार में रुकने मे पैसे कीबाधा ना आए। कहा कि समाज में गरीब बच्चों की शिक्षा व गरीब परिवारों की कन्या के विवाह या छोटे छोटे रोजगार के लिए समाज के योग्य लोगों की सहायता करना ही जाट महासभा का कार्य है। इस पर ही हम आगे बढ़ कर काम कर रहे हैं समाज विकसित होगा, तो देश विकसित होगा कि सोच पर हम काम करेंगे। हरिद्वार जाट महासभा के अध्यक्ष अजीत सिरोही ने कहा कि हम समाज की उन्नति व विकास के लिए आगे आए हैं और कुछ ऐसे बड़े कार्य करने हैं जो आने वाली पीढ़ी के लिए कारगर साबित हो धर्मशाला या बच्चों के लिए निःशुल्क पढ़ाई वाले स्कूल बनाना या समाज के अन्य वंचित लोगों की सहायता करना ही हमारा लक्ष्य हैं। हमारे महापुरुषों में जो कार्य समाज व देश हित के लिए किए हैं उनको आगे बढ़ा कर आने वाली पीढ़ी को भी उसके लिए तैयार करना है। कहा कि जल्दी ही पूरी कार्यकारिणी की घोषणा कर अन्य रिक्त पदों पर भी योग्य लोगों को लाया जाएगा। जिससे समाज के लिए महासभा के शुरू किए कार्य और तेजी से आगे बढ़ाए जा सके। इस अवसर पर मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष अरविंद चौधरी, महामंत्री संजीव कुमार, सचिव आशीष पवाँर, राजीव सिंह, पंकज सिंह, विवेक राणा व जिला पंचायत सदस्य ब्रजमोहन आदि मौजूद रहे।

