शिक्षकों ने मानदेय की मांग को लेकर अकादमी परिसर में दिया धरना
हरिद्वार
राज्य के संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत 126 प्रबंधकीय शिक्षकों ने मानदेय की मांग को लेकर संस्कृत अकादमी में धरना शुरु कर दिया है। संस्कृत शिक्षकों ने हाथों में तख़्तियां लेकर अपने मांग के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया। संस्कृत शिक्षक आज अपनी मांग को लेकर अकादमी परिसर में बुद्धि-शुद्धि यज्ञ भी करेंगे। सोमवार को संस्कृत विद्यालय-महाविद्यालय प्रबंधकीय शिक्षक समिति उत्तराखंड के बैनर तले प्रबंधकीय शिक्षक अकादमी परिसर में पहुंचे। यहां पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए समिति के प्रदेश अध्यक्ष भगवती प्रसाद बिजल्वाण ने कहा कि उत्तराखंड के संस्कृत विद्यालयों में कई वर्षों से कार्यरत 155 प्रबंधकीय शिक्षकों को 2021 में मानदेय प्रदान करने का निर्णय लिया जा चुका है। लेकिन 126 शिक्षक मानदेय क़ी सूची में आने से छूट गए थे। उन्होंने बताया कि 126 शिक्षकों की मांग को मुख्यमंत्री पुष्कार धामी अपने पिछले कार्यकाल में अनुमोदित कर चुके हैं। लेकिन मानदेय की फ़ाइल को निदेशालय और सचिवालय के बीच घुमाया जाने लगा। कई बार शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग को ज्ञापन दिया गया। लेकिन कुछ कार्यवाही नहीं हुई। कहा कि उनके धरने का उद्देश्य शासन तक अपनी बात को पहुंचाना है। क्योंकि शासन उनकी इस जायज़ मांग को गम्भीरता से नहीं ले रहा है। कहा कि मंगलवार को धरना स्थल पर बुद्धि-शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति के सचिव रावेंद्र कुमार, रामेश्वर प्रसाद, अनूप रावत, कमेश ध्यानी, सूर्यप्रकाश रतूड़ी, अंजना उनियाल, प्रकाश तिवारी, मेवाराम गैरोला, जीवन आर्य, चक्रपाणि मैठानी, अतुल कुमार, इन्द्रमणि, अजीत प्रकाश, रूपेश जोशी, हरीश पांडे, विपिन उनियाल, रवि पंथ, मुकेश कुमार, प्रदीप थपलियाल, नवीन मंमगाई, भूवन चंद्रा जोशी आदि मौजूद रहे।

