जो भी उत्पाद बनायें उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग तथा मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देंः रीप प्रतिनिधि
हरिद्वार
जनपद हरिद्वार में आईफेड (इण्टरनेशनल फण्ड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलेपमेंट) वित्त पोषित परियोजना- ग्रामीण उद्धम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) का शुभारम्भ जनपद के समस्त विकासखण्डों में किया जा चुका है। जिसके अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी तरह की आजीविका चलाने वाले-किसान, मशरूम उत्पादनकर्ता स्वयं सहायता समूह आदि की आजीविका में अभिवृद्धि करने के उद्देश्य से रीप के प्रतिनिधि कण्ट्री हैड सुश्री मीरा मिश्रा, अरविन्द जाम, वीरेन्द्र कुमार गर्ग, महेन्द्र कुमार यादव, विपन कण्डवाल तथा विकास शर्मा ने जनपद हरिद्वार का भ्रमण किया। रीप की टीम सर्वप्रथम विकासखण्ड बहादराबाद के ग्रोथ सेण्टर पर पहुंचीए जहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित समृद्धि प्रसाद ग्रोथ सेण्टर, कनिका स्वयं सहायता समूहए निशान्त स्वयं सहायता समूह, राजेश्वरी स्वयं सहायता समूह, आकाश स्वयं सहायता समूह, महक स्वयं सहायता समूह, शिव स्वयं सहायता समूह, आदर्श स्वयं सहायता समूह, साधना स्वयं सहायता समूह आदि ने अपने-अपने उत्पादों के स्टॉल लगाये थे। जिन्होंने अपने-अपने उत्पादों के सम्बन्ध में रीप के प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी। रीप के प्रतिनिधियों ने ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित समूहों से फीडबैक लेते हुये कहा कि उन्हें अपनी आजीविका में और अभिवृद्धि करने के लिये जिस तरह की भी सहायता-ट्रेनिंग आदि की आवश्यकता होगी, उसे रीप के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सलाह दी कि वे जो भी उत्पाद बनायें उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग तथा मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने ग्रोथ सेण्टर बहादराबाद की व्यवस्थाओं की सराहना भी की। बहादराबाद ग्रोथ सेण्टर के विकासात्मक भ्रमण के पश्चात रीप की टीम श्री राधे-कृष्ण बहुउद्देशीय स्वागत सहकारिता, ग्राम सिकन्दरपुर, पो. मंगलौर विकासखण्ड नारसन पहुंची, जहां डेयरी का व्यवसाय करने वाले समूह से उनके व्यवसाय के सम्बन्ध में कितने मवेशी हैं, कितना लीटर प्रतिदिन दूध आता है कितनी महिलायें इससे जुड़ी हैं विस्तृत जानकारी ली तथा उनकी डेयरी का शुभारम्भ भी किया एवं उनके उत्पादों को भी देखा। समूह की महिलाओं ने बताया कि वे दूध का विक्रय करने के साथ ही पनीर, दही, घी, लेमन ग्रास तथा गुड़ आदि का भी व्यवसाय कर रहीं हैं। इस पर टीम के प्रतिनिधियों ने कहा कि आपके व्यवसाय का आकार जितना बड़ा होगा, उतना ही ज्यादा आप लोगों को फायदा होगा। समूह की महिलाओं ने गांव में गोबर गैस प्लाण्ट स्थापित करने में मदद करने का अनुरोध किया, जिस पर टीम के प्रतिनिधियों ने समूह को इस क्षेत्र में पूरी मदद करने का आश्वासन दिया तथा कहा कि आप लोगों ने जो सुझाव दिये हैं उसी अनुसार आपके लिये योजनायें तैयार की जायेंगी। ग्राम सिकन्दरपुर के भ्रमण के पश्चात रीप की टीम जय रविदास स्वयं सहायता समूह मकदूमपुर विकासखण्ड नारसन पहुंची, जहां टीम ने सब्जी उत्पादन के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ली। स्वयं सहायता समूह ने बताया कि वे गोबी, बैगन, लौकी, करेला, खीरा आदि की खेती 30 से 40 बीघा में कर रहे हैं। जिससे इस समूह से 10 परिवार जुड़े हैं तथा इसका जो उत्पाद होता है उसे हम गुड़गांव आदि मण्डियों में रेट के हिसाब से विक्रय के लिये ले जाते हैं। टीम के प्रतिनिधियों ने जय रविदास स्वयं सहायता समूह को सब्जियों के उत्पादन में और प्रवीणता लाने के उद्देश्य से ट्रेनिंग दिलाने तथा उत्पाद को इकट्टा करने के पश्चात ढुलान की सुविधा की दृष्टि से अप्रोच रोड पर एक शेड के निर्माण की बात कही। रीप की टीम के प्रतिनिधि मकदूमपुर के बाद नारसन ब्लॉक पहुंचे, जहां सेयना बहुउद्देशीय स्वायत्त सहकारिता ग्राम लिबरहेड़ी सहित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से उनके द्वारा किये जा रहे व्यवसाय के सम्बन्ध में जानकारी ली। समूहों की महिलाओं ने बताया कि वे शेरपुर आदि में मत्स्य पालन, मुर्गी पालन तथा मशरूम की खेती करने के साथ ही हैण्डलूम के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। इस पर टीम के प्रतिनिधि अरविन्द जाम ने सलाह दी कि जो भी हैण्डलूम का उत्पाद तैयार होए उसमें गुणवत्ता व मार्केटिंग का विशेष ध्यान रखें। नारसन ब्लॉक के पश्चात टीम के प्रतिनिधि अरविन्द जाम सहित होटल सरोवर पोर्टिको पहुंचे, जहां उन्होंने गन्ना विकास विभागए रेशम विकास विभाग, हिलांश ग्रुप, एमबी, फूड प्रोडक्ट बुग्गावाला, ऑनली एण्ड स्योरली आर्गेनिक फूड प्रोडक्ट पदार्था आदि की विभिन्न्न योजनाओं/उत्पादों के सम्बन्ध में लगाये गये स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया तथा सम्बन्धित द्वारा लगाये गये उत्पादों-मशरूम, गुड़, शहद आदि की पैकेजिंग तथा ब्रांडिंग की प्रशंसा की। रीप की टीम के प्रतिनिधि कण्ट्री हैड सुश्री मीरा मिश्रा, अरविन्द जाम, वीरेन्द्र कुमार गर्ग, महेन्द्र कुमार यादव, विपन कण्डवाल तथा विकास शर्मा आदि का भ्रमण के दौरान परम्परागत ढंग से भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया तथा स्मृति स्वरूप प्रतीक चिह्न भी भेंट किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, परियोजना निदेशक डीआरडीए विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, डीपीएम रीप संजय सक्सेना, सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियालए मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, मुख्य उद्यान अधिकारी ओम प्रकाश, महाप्रबन्धक उद्योग पल्लवी गुप्ता, बीडीओ बहादराबाद, नारसन सहित सम्बन्धित पदाधिकारी/अधिकारी उपस्थित रहे।

