HARIDWAR

उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों में बीस सालों से देते आ रहे सेवाएं

हरिद्वार

जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशीकांत ने बीमारी के कारणों के चलते मंगलवार को स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर दिया। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन को शासन स्वीकार करेगा या नहीं वो बात अलग है। बताया जा रहा है कि स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति आवेदन स्वीकार करने का तीन माह का समय होता है। उत्तराखण्ड में स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के लिए 20 वर्षो की सेवा देना अनिवार्य होता हैं। जिसको वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ शासन के नियमों की समय सीमा की बाध्यता को पूरा कर चुके हैं। जिला अस्पताल में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशीकांत के स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति लेने की काफी समय से अटकले लगाई जा रही थी। इन अटकलों पर आज विराम लग गया। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशीकांत ने स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. सीपी त्रिपाठी को आवेदन सौंप दिया। चिकित्सक डॉ. शशीकांत पिछले पांच सालों से जिला अस्पताल में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशीकांत का उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य विभाग में बीस वर्षो तक अपनी सेवाए प्रदान की है। डॉ. शशीकांत का बीस सालों का उत्तराखण्ड में सेवाओं का सफर बेदांगए मधुर व्यवहार और अपने सहयोगियों के साथ सहयोग वाला रहा है। चिकित्सक डॉ. शशीकांत की प्रथम तैनाती जनपद चमोली के उर्गम में 28 फरवरी 2003 को हुई थी। जिसके बाद से वह शासन की नितियों के अनुसार जोशीमठ, बद्रीनाथ, खानपुर ब्लॉक जनपद हरिद्वार, ज्वालापुर, डीलओ जनपद हरिद्वार और जिला अस्पताल हरिद्वार में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के तौर पर अपनी शानदार सेवा दे रहे है। चिकित्सक डॉ. शशीकांत ने भले ही अपनी बीमारी का हवाला देते हुए स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है। लेकिन यह जरूरी नहीं हैं कि शासन द्वारा उनकी स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति की अर्जी को स्वीकार कर लेगा। बताया जा रहा है कि शासन के पास स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति को स्वीकार करने का तीन माह का समय होता है। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शशीकांत ने बताया कि वह पिछले काफी समय से बीमारी से परेशान है। जिसको देखते हुए उन्होंने स्वेच्छिक सेवा निवृत्तिलेने का निर्णय लिया है। वह पिछले पांच वर्षो से जिला अस्पताल में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उत्तराखण्ड में वह विभिन्न जनपदों में रहते हुए बीस सालों तक सेवाओं का समय पूरा कर चुके हैं। उत्तराखण्ड शासन की नियमावली है कि स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के लिए बीस सालों की सेवाएं होनी चाहिए। उन्होंने शासन की नियमावली की शर्तो को पूरा करते हुए आज स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर दिया।