dehradun

दो शताब्दियों के अंग्रेजी निबंध को रेखांकित करती है द बुक ऑफ इंडियन एसेज

देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र सभागार में भारतीय अंग्रेजी साहित्य के जाने माने कवि प्रो. अरविंद कृष्ण मेहरोत्रा की सम्पादित पुस्तक द बुक ऑफ इंडियन एसेज पर बातचीत का कार्यक्रम हुआ। उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव सुरजीत किशोर दास ने प्रो.मेहरोत्रा से बातचीत की। प्रो. मेहरोत्रा ने इस पुस्तक के महत्वपूर्ण अंशों का पाठ भी किया। अंग्रेजी साहित्य के परिप्रेक्ष्य पर आधारित यह पुस्तक पिछली दो शताब्दियों के अंग्रेजी निबंधों को रेखांकित करती है। एक तरह से यह अंग्रेजी में भारतीय निबंधों का एक व्यापक ऐतिहासिक संकलन है। यह संग्रह 1820 के दशक में डेरोजियो से शुरू होता है और इक्कीसवीं सदी में समाप्त होता है। इसमें एक चिंतनशील निबंध, संस्मरण, साहित्यिकता से ओत-प्रोत व्यंग्यात्मकता का शानदार पुट भी मिलता है। साथ ही भारतीय और पश्चिमी समाज के साथ मध्यवर्गीय भारत के सामाजिक जीवन और सौंदर्य संबंधी संवेदनाओं के चित्र मिलते है। पुस्तक में हेनरी डोरिजियो, बंकिम चटर्जी, रवीन्द्रनाथ टैगोर, आरके नारायण, कुर्तुलेंन हैदर, रस्किन बॉन्ड, अनिता देसाई, एलिन सीली व पंकज मित्रा जैसे सुपरिचित लेखकों के आलेख हैं। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र सलाहकार प्रो.बीके जोशी ने सभी का स्वागत किया। मौके पर पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डॉ.योगेश धस्माना, डॉ. मनोज पंजानी, बिजू नेगी, एलिन सीली, राजेश सकलानी, पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे, एनएस नपलच्याल, निकोलस हॉफलैण्ड मौजूद रहे।