भारतीय अध्यात्म के प्रतिनिधि बनने का समय : डॉ. चिन्मय पण्ड्या
हरिद्वार। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय अध्यात्म का प्रतिनिधि बनकर समाज, विश्व को नई देने का सुनहरा अवसर है। डॉ. पण्ड्या राजस्थान से आए पूर्ण कार्यकर्त्ता प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। जयपुर, अलवर, राजसमंद, भीलवाड़ा, जोधपुर आदि जिलों के करीब चार सौ युवा मौजूद रहे। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि आचार्य ने करोड़ों लोगों के दिलों को छुआ और उनमें सकारात्मक परिवर्तन किया है। जिससे वे युवाओं, नारियों और समाज के प्रत्येक वर्ग में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कार्य कर सकें। व्यवस्थापक महेन्द्र शर्मा ने समाज के नवनिर्माण की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। राजस्थान जोन के समन्वयक इंजीनियर जय सिंह यादव ने गांव-गांव में प्रज्ञा मंडल, युवा मंडल, महिला मंडल का गठन कर समाज के हर वर्ग की दिशा में कार्यक्रमों की रूपरेखा समझाई।

