भारत-नेपाल आपसी समन्वय से रोकेंगे मानव तस्करी
चम्पावत
भारत-नेपाल के अधिकारी आपसी समन्वय से बच्चों के अवैध व्यापार और मानव तस्करी को रोकेंगे। कंचनपुर में नेपाल की ‘किन संस्था’ की ओर से क्रॉस बार्डर बैठक में यह निर्णय लिया गया। गुरुवार को नेपाल के कंचनपुर में नेपाल की ‘किन संस्था की ओर से क्रॉस बार्डर मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें भारत की ओर से चम्पावत के बाल कल्याण समिति और रीड्स संस्था के लोगों ने हिस्सा लिया। रीड्स के सदस्य मनोज तिवारी ने बताया कि बैठक में दोनों देशों की तमाम एजेंसियों ने हिस्सा लिया। बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पर बच्चों के अवैध व्यापार को रोकना है। जिस पर नेपाल की थ्रि एंजेल, माइती, आशीष, पीआरसी और किन संस्था की ओर से अपने-अपने सुझाव दिए गए। बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दोनों देशों के अधिकारी सीमा पर आपसी समन्वय के जरिए बच्चों के अवैध व्यापार को रोकेंगे। सीमा पर निरंतर चेकिंग और गश्त के जरिए भी इन पर रोकथाम लगाई जाएगी। इसके अलावा सीमा पर आपराधिक गतिविधियों पर नजर रख सुरक्षा एजेंसियों की मदद की जाएगी।
ये लोग रहे बैठक में मौजूद:
टनकपुर। एसपी कंचनपुर प्रेम बहादुर रावल, कंचनपुर एडीएम धर्मराज जोशी, कंचनपुर की डिप्टी मेयर कनक खड़का जोशी, महेंद्रनगर डिप्टी मेयर कंचन लेखक, किन संस्था के हेड वीर बहादुर, रीड्स संस्था प्रकाश चंद्र, अपरा संस्था सोनी थापा आदि रहे।
