UTTARAKHAND

बिहार के लिए अगले 24 घंटे बेहद अहम, पाला बदलने की तैयारी में नीतीश, भाजपा से बन गई बात!

बिहार की राजनीति के लिए अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। बिहार में जदयू, राजद और कांग्रेस की गठबंधन वाली सरकार वेंटीलेटर पर दिखाई दे रही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर एक बार फिर से पलटी मारने के कयास जताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार घर वापसी कर सकते हैं और बीजेपी के समर्थन के बाद फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। रविवार का दिन बिहार के लिए काफी अहम है। माना जा रहा है कि रविवार को बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक बार फिर से नई सरकार का गठन होगा जिसमें चेहरा तो नीतीश कुमार रहेंगे लेकिन उनके सहयोगी बदल जाएंगे। उपमुख्यमंत्री के रूप में भाजपा के नेता मौजूद रहेंगे। नीतीश कुमार अपने लगभग सारे कार्यक्रम को रद्द कर चुके हैं। सूत्रों की मानें तो बिहार में रविवार को सचिवालय खोले जाने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। ऐसे में कहीं ना कहीं रविवार को बिहार में कुछ बड़ा होगा। इसको लेकर कयास जताए जा रहे हैं। नीतीश कुमार अपने पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक भी कर चुके हैं। वहीं, भाजपा की भी आज बैठक हुई है। दूसरी और राजद ने भी अपने विधायकों की बैठक बुलाई थी। कांग्रेस से अपने विधायकों को एकजुट करने का प्रयास कर रही है। बताया जा रहा है कि भाजपा कोटे से बिहार में दो उपमुख्यमंत्री होंगे। वहीं, विधानसभा स्पीकर भी भाजपा के ही रहेंगे। भाजपा आज शाम या रात तक नीतीश कुमार को अपने समर्थन पत्र सौंप सकती है। वहीं, नीतीश आज शाम या कल सुबह तक इस्तीफा दे देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी नीतीश कुमार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं। खड़गे ने कहा कि मुझे जदयू के भारत गठबंधन से बाहर निकलने की कोई जानकारी नहीं है। उनके मन में क्या है यह स्पष्ट नहीं है। मैं कल देहरादून जा रहा हूं, फिर दिल्ली। मैं पूरी जानकारी लूंगा और फिर आपको जानकारी दूंगा। देखते हैं क्या होगा… हमारी कोशिश सभी को एकजुट करने की है। मैंने ममता बनर्जी, लालू प्रसाद यादव और सीताराम येचुरी से बात की है। अगर हम एकजुट हो जाएं तो हम अच्छी लड़ाई लड़ेंगे और इंडिया गठबंधन सफल होगा।’ जो लोग लोकतंत्र को बचाने में रुचि रखते हैं वे अपना मन नहीं बदलेंगे और हमारे साथ रहेंगे। लालू यादव भी लगातार रणनीति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लालू यादव को भी सरकार बनाने के लिए महज आठ विधायकों की जरूरत है। ऐसे में राजद खेमा भी शांत नहीं है और विधायकों का जुगाड़ करने की कोशिश जारी है। सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि राजद की ओर से जीतन राम मांझी से संपर्क किया गया था जिनके पास चार विधायक है। हालांकि, मांझी दावा कर रहे हैं कि वह एनडीए के साथ है और यही रहेंगे। लेकिन दावा यह भी किया जा रहा है कि जदयू के कई विधायक नीतीश के एनडीए में लौटने से खुश नहीं है और वह पाला बदल सकते हैं। शायद इन्हीं विधायकों पर लालू यादव की नजर है। लालू यादव किसी भी कीमत पर तेजस्वी यादव को सीएम बनाना चाहते हैं। हालांकि, तत्काल में विधायकों का जुगाड़ करना थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। लेकिन जब बिहार विधानसभा फरवरी से शुरू होगी, तब शायद लालू यादव कोई बड़ा खेल कर सके।