UTTARAKHAND

ओएनजीसी के पूर्व अफसर से जमीन के नाम पर 4.75 लाख हड़पे

देहरादून

ओएनजीसी के एक सेवानिवृत्त अफसर से जमीन के नाम पर 4.75 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज भेजकर उन्हें झांसे में लिया। बसंत विहार थाने में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बसंत विहार थानाध्यक्ष महादेव उनियाल के अनुसार ओएनजीसी के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक ने तहरीर दी कि 18 जुलाई 2023 को गुरबचन सिंह निवासी विकासनगर उन्हें मिलने घर आया था। उसने साईंलोक कालोनी, कांवली देहरादून में एक जमीन खरीदने का प्रस्ताव दिया। उसने बताया कि जमीन देविका बत्ता की है। जमीन की कीमत 1.20 करोड़ बताई गई। सौदा तय होने के बाद 18 जुलाई को ही उन्होंने एक लाख रुपये गुरबचन के खाते में ट्रांसफर किए। 26 जुलाई को गुरबचन उनसे एक लाख का एक चैक ले गया। उसने कहा कि देविका बत्ता के सभी दस्तावेज लॉकर में रखे हैं। जल्द ही एग्रीमेंट करा दिया जाएगा। फिर उनसे 50-50 हजार की दो किश्तों में एक लाख रुपये लिए। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर 2023 को गुरबचन ने उन्हें व्हाट्सएप के जरिए देविका बत्ता के नाम का 100 रुपये का स्टांप भेजा। बाद में उसने मूल स्टांप दिखाकर कहा कि वो देविका बत्ता के घर जाकर अनुबंध बनवा देगा। इसकी एवज में उनसे 50 हजार रुपये और लिए। आरोप है कि इस तरह उनसे कुल 4.75 लाख रुपये लिए गए। उन्होंने बताया कि 01 अक्तूबर को उन्होंने जमीन के बारे में पूछताछ की तो पता चला देविका बत्ता जमीन दूसरे व्यक्ति को बेच चुकी हैं। उन्होंने इस संबंध में जब गुरबचन से बात की तो उसने कहा कि वो देवकी बत्ता की दूसरी जमीन दिला देगा। इसपर उन्होंने गुरबचन को रकम लौटने के लिए कहा। आरोप है कि तब से वो रकम लौटाने में आनाकानी कर रहा है।