पुरुष के बराबर महिला मजदूरों को भी मिलेगी मजदूरी
लखनऊ —
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के इस कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट विधानसभा में पेश किया. प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सदन में यूपी का बजट पेश किया. यूपी सरकार का यह बजट युवाओं, किसानों व महिलाओं पर केंद्रित रहा. योगी सरकार के बजट में महिलाओं के लिए पिटारा खोला गया. योगी सरकार के बजट में महिलाओं के आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्थ योजना शुरू की गई है. इसके लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
दो नई योजनाओं की शुरुआत की गई है – 1. कन्या कुपोषण योजना 100 करोड़ , 2. महिला सामर्थ्य योजना 200 करोड़
इसके अलावा महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या के निदान के लिए मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से क्रियान्वित की जाएगी. इस योजना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं. पुष्टाहार कार्यक्रम के लिए 4094 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय पोषण अभियान के लिए 415 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
महिला शक्ति केंद्रों की स्थापना के लिए 32 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. महिला और बालिकाओं के खिलाफ अपराध के उचित रोकथाम के लिए यूपी पुलिस द्वारा 1 नवंबर 2020 से 30 नवंबर 2020 तक विशेष अभियान मिशन शक्ति चलाया गया. जिसके उत्साहवर्धक परिणाम मिले. प्रत्येक तहसील में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना करने का लक्ष्य. महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश के सभी जनपदों के समस्त थानों में 1535 महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है. मिशन शक्ति दृढ़तापूर्वक लागू किया जायेगा, जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश की हर महिला को सुरक्षा उपलब्ध होगी।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिये 320 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. इसके अलावा मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के तहत सभी योग्य बालिकाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए 1200 करोड़ का बजट रखा गया है।

