UTTARAKHAND

एफएपी लागू करने को देसंविवि का चयन

हरिद्वार

नई शिक्षा नीति के तहत देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में फ्लेक्सिबल एकेडमिक प्रोग्राम (एफएपी) शुरू किया जाएगा। इसको लागू करने के लिए गठित राष्ट्रीय समिति ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय का चयन किया है। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने इसकी पुष्टि की है। एफएपी को लागू करने वाले उच्च शैक्षणिक संस्थानों में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के अलावा देश के सभी भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), आईआईटी, गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान (प्रयागराज), दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (दिल्ली), इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, बीएचयू एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को नाम शामिल किया है। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने बताया कि देशभर में एफएपी को लागू के लिए राष्ट्र स्तरीय समिति का गठन किया गया है। देसंविवि में एफएपी मानविकी यानी ह्यूमैनिटीज और सामाजिक विज्ञान के विषयों में लागू किया जाएगा। एफएपी के तहत उच्च शिक्षा के लिए उपयुक्त प्रमाणीकरण के साथ कई प्रविष्ठियां और निकास बिंदु होंगे। इसके अनुसार स्नातक कोर्स 3 या 4 साल के हो सकते हैं। जिसमें कई सारे एग्जिट ऑप्शन होंगे। ये सभी एग्जिट ऑप्शन उचित सर्टिफिकेशन के साथ होंगे। जैसे कि यदि छात्र ने एक साल स्नातक कोर्स में पढ़ाई की है तो उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा, दो साल के बाद एडवांस डिप्लोमा दिया जाएगा, तीन साल के बाद डिग्री दी जाएगी और 4 साल के बाद रिसर्च के साथ बैचलर की डिग्री दी जाएगी।