सरपंच की हत्या में शामिल तीन हाइब्रिड आतंकी दबोचे
जम्मू
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बारामूला जिले में एक सरपंच की हत्या में शामिल पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को कहा कि गिरफ्तार किये गये आतंकवादी बारामूला जिले में पिछले महीने एक सरपंच की हत्या की साजिश तथा हत्या में कथित रूप से शामिल थे। बता दें कि आतंकियों ने 15 अप्रैल को निर्दलीय सरपंच मनूर अहमद की गोशबुग पट्टन के एक बाग में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने कहा कि उन्होंने हत्या के मामले को सुलझा लिया है और तीन ‘हाइब्रिड’ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने तीनों की पहचान नूर मोहम्मद यातू, मोहम्मद रफीक पर्रे और आशिक हुसैन पर्रे के रूप में की है, जो पाटन के घोषबाग निवासी हैं। बारामूला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रईस मोहम्मद भट ने कहा कि आतंकवादियों से पूछताछ से पता चला है कि उनकी योजना लश्कर के कमांडर यूसुफ कांट्रू और हिलाल शेख द्वारा तैयार की गई थी, ये दोनों 21 एवं 22 मई को मालवाह मुठभेड़ में मारे गए थे। उन्होंने कहा कि हत्या को दो लोगों द्वारा अंजाम दिया गया था। एक की पहचान हाल ही में घुसपैठ करने वाले आतंकवादी गुलजार गनी के रूप में हुई है। गुलजार हाल ही में बांदीपोरा में एक मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि दूसरा वुसन निवासी उमर लोन अभी भी फरार है। राष्ट्रीय राइफल्स की संयुक्त टीम ने तीनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि गोशबुग में एक विशेष मॉड्यूल को पीआरआई (पंचायत प्रतिनिधि संस्थानों) और अन्य नागरिकों तथा सॉफ्ट टारगेट की पहचान करने एवं उन पर हमला करने का काम सौंपा गया था। इसके लिए लश्कर के पुराने स्लीपर सेल द्वारा पकड़े गए हाइब्रिड आतंकवादियों को पिस्तौल और गोला-बारूद प्रदान किया गया था। उन्होंने कहा, श्पकड़े गए आतंकवादियों से पूछताछ से भविष्य में आतंकवाद निरोधी अभियानों के लिए और जानकारी मिलने की संभावना है।

