UTTARAKHAND

मसूरी पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता व ईओ पर टेंडर घोटालों के गंभीर आरोप

देहरादून

सामाजिक कार्यकर्ता शेखर पाण्डेय ने मसूरी नगर पालिका के पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता व ईओ पर घोटालों के गंभीर आरोप लगाये हैं और राज्यपाल से जांच की मांग को लेकर ज्ञापन प्रेषित किया है। आज परेड ग्राउंड स्थित एक रेस्टारेंट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने नगर पालिका से कंपनी गार्डन टेंडर मामले के सभी दस्तावेज कोर्ट में तलब किए हैं। उन्होंने कहा कि याचिका में आरोप है कि नगर पालिका के पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता व अधिशासी अधिकारी यूडी तिवारी ने मोटी रकम लेकर टेंडर को अपने चहेते एक ठेकेदार को देने का षड़यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर विवादों में घिरे नगर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता के कारनामों की एक लम्बी फेहरिस्त राजभवन भी पहुंच गई है। उन्होंने राज्यपाल को भेजे शिकायती पत्र में अनुज गुप्ता व ईओ यूडी तिवारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि पिछले 15 सालों से पालिका से सांठगांठ कर कंपनी गार्डन पर कौड़ियों के भाव से कब्जा जमाकर बैठे ठेकेदार संस्था के साथ मिलीभगत कर पालिका पालिकाध्यक्ष गुप्ता व तिवारी दूसरी कंपनियों को ठेके में हिस्सा नहीं लेने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी कंपनियों को ठेके में शामिल होने के लिए गुप्ता व तिवारी ने एक ऐसा रास्ता निकाला है वह भी कम हैरान करने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि टेंडर की शर्त में जोड़ा गया है कि वही ठेकेदार व फर्म ई-टेंडर में शामिल हो सकती है जिसे संपत्ति निरीक्षण व नो डयूज सर्टिफिकेट होगा। उन्होंने कहा कि इस शर्त की आड़ लेकर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता खेल कर रहा है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण व नो डूयज के लिए आवेदन करने वाले ठेकेदार व फर्म को गुप्ता प्रमाण पत्र दे ही नहीं रहे है। उन्होंने कहा कि अब सवाल यह है कि जब किसी को जरूरी प्रमाण पत्र ही नहीं मिलेगा तो कोई ठेकेदार व फर्म टेंडर में शामिल ही कैसे हो पाएगी। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर अगर मसूरी नगर पालिका के टेंडर घोटालों की जांच होती है तो अनुज गुप्ता व अधिशासी अधिकारी यू डी तिवारी को जेल की हवा खानी पड़ सकती है।