ब्रह्मलीन हरेंद्रानंद सरस्वती का जीवन सनातन धर्म के संरक्षण में रहा समर्पितः राजराजेश्वराश्रम
हरिद्वार
उत्तरी हरिद्वार की प्रख्यात धार्मिक संस्था प्रभु हरनाथ मंदिर भागीरथी नगर भूपतवाला के परमाध्यक्ष श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज के पावन सानिध्य में प्रभु हरनाथ मंदिर के संस्थापक अनंत विभूषित ब्रह्मलीन स्वामी हरेंद्रानंद सरस्वती महाराज की सत्रहवीं पुण्यतिथि मनायी गयी। ब्रह्मलीन स्वामी हरेंद्रानंद सरस्वती महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी हरेंद्रानंद सरस्वती महाराज का समूचा जीवन सनातन धर्म व संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में समर्पित रहा और उन्होंने जीवन पर्यंत सनातन परंपराओं को बढ़ाने का काम किया। उन्होंने कहा कि हरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने संत परंपरा में रहकर संत परंपरा का निर्वहन करते हुए संत परंपरा को आगे बढ़ाने का काम किया। जयराम आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी हरेंद्रानंद सरस्वती महाराज त्याग, तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने सनातन संस्कृति को बढ़ाने के लिए अपना सर्वस्व जीवन लगाकर सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाने का काम किया। पुण्यतिथि कार्यक्रम के संयोजक श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन सदगुरुदेव स्वामी हरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने सनातन जूना अखाड़े की परंपराओं में रहकर सनातन धर्म को बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने जीवन भर अपने श्रद्धालु भक्तों को सद्मार्ग पर चलकर गौ, गंगा, गीता, माता-पिता और सदगुरुदेव की सेवा की राह दिखाई। इस मौके पर महामंडलेश्वर यमुना पुरी, महंत कमल दास महाराज, महंत शांतानंद पुरी, महंत अभिरामदास, योगेश्वरानंद, महंत केशवानंद, शिवदास दुबे, पार्षद अनिल मिश्रा, दिवाकर मिश्रा, समाजसेवी ओपी बंसल सहित श्रदालु भक्तों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

