संदिग्ध परिस्थितियों में लापता युवक पर पुलिस बनी संवेदनहीन
हरिद्वार
दोस्तों के साथ गंगा नहाने गये युवक के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता युवक का पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाई है। बताया जा रहा हैं कि युवक अपने पड़ोसी दो दोस्तों के साथ 10 सितम्बर को नहाने के लिए गोविन्दपुरी स्थित परशुराम घाट गया था। दोस्तों ने घर पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी कि उनको बेटा गंगा में डूब गया है। सूचना पर पुलिस ने युवक की तलाश के लिए गोताखोर टीम ने सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। परशुराम घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरों ने दोस्तों पर ही सवालिया निशान लगा दिया है। पिता ने बेटे को दोनों दोस्तों पर गायब करने का आरोप लगाते हुए बेटो को बरामद करने की मांग की है। पीडित परिवार ने मामले के विवेचक एसएसआई पर उनके साथ सहानुभूति दिखाने की बजाय उल्टा उनके साथ जमकर अभद्रता का आरोप लगाया है। कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि रमेश पुत्र दीनानाथ निवासी राजीव नगर कॉलोनी गोविन्दपुरी कोतवाली ज्वालापुर ने 30 सितम्बर को कोतवाली में तहरीर देते हुए शिकायत की है। शिकायत में कहा गया हैं कि उसका 18 वर्षीय बेटा सन्नी घर से शाम को नहाने के लिए गोविन्दपुरी स्थित परशुराम घाट पर गया था। सन्नी के घर से जाने के पौने घंटे बाद क्षेत्र के ही दो लड़के अजय और हरिओम उनके घर पहुंचे और भीगी बेटे की कमीज देकर बोले की सन्नी गंगा में डूब गया है। सूचना पर पुलिस द्वारा 11 सितम्बर को गोताखोर टीम की मदद से सन्नी को गंगा में तलाशा गया। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान परशुराम घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया तो सन्नी दोनों दोस्तों अजय और हरिओम के साथ गंगा में नहाने के बाद बाहर की ओर आता देखा जा रहा है। इस फुटेज से साफ जाहिर हो रहा हैं कि अजय और हरिओम ने उनको झूठ बोला कि सन्नी डूब गया है। आरोप हैं कि दोनों दोस्तों ने ही सन्नी को कही गायब कर दिया है और सच्चाई को छुपाने का प्रयास करते हुए मनगढत कहानी गढी जा रही है। पीड़ित पिता ने दोनों दोस्तों पर ही बेटे को गायब करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए बेटे को बरामद करने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। युवक के गायब होने के मामले की जांच एसएसआई प्रदीप तोमर को सौंपी गयी है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब भी वह विवेचक एसएसआई के पास पहुंचकर बेटे की तलाश के सम्बंध में जानकारी लेने का प्रयास किया जाता हैं, तो उनके साथ जमकर अभद्रता की जाती है। आरोप है कि विवेचक परशुराम घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी गम्भीरता से नहीं ले रहे हैं। उनके द्वारा दोनों दोस्तों के सम्बंध में जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा हैं तो वह आरोपियों के सम्बंध में कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने बताया कि दूसरा आरोपी अजय घटना के दो दिन बाद से ही हरिद्वार छोड़कर अपने गांव लखीमपुर भाग गया है। आरोप है कि विवेचक एसएसआई घटना को गम्भीरता से नहीं ले रहे और उनके बेटे की तलाश में लापरवाही बरती जा रही है। विवेचक एसएसआई प्रदीप तोमर ने बताया कि परिवार की शिकायत पर जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की गयी, लेकिन वह सन्नी के डूबने की ही बात कह रहे हैं। जब एसएसआई का ध्यान सीसीटीवी फुटेज की ओर दिलाने का प्रयास किया गया तो उनको रूख पीड़ित परिवार की ओर सकारात्मक नहीं दिखा। विवेचक ने स्पष्ट कहा कि परिवार के कहने पर दोनों लड़कों पर 302 को मुकदमा दर्ज नहीं कर सकते।

