धूमधाम से मनाया गया इगास पर्व
रुड़की। आदर्श शिवाजी नगर ढंडेरा में इगास पर्व धूमधाम से मनाया गया। दीये व पटाखे और मिठाई खिलाकर एक दूसरे को पर्व की बधाई दी। इगास का पर्व दिवाली के बाद देव उठनी एकादशी के दिन मनाया जाता है। दिवाली के ग्यारह दिन बाद होने वाले इस पर्व को देव दिवाली भी कहा जाता है। इगास को लेकर एक मान्यता यह भी है कि ना गढ़वाल के राजा के मंत्री माधो सिंह भंडारी युद्ध में लड़ने गए। वह दिवाली के दिन वापस नहीं लौट पाए। दिवाली के ग्यारहवें दिन वह वापस आए थे। उनकी वापसी की खुशी में इगास का पर्व मनाया जाता है। ढंडेरा में लोगों ने आतिशबाजी की, मिठाई और दाल के पकौड़े बनाए। एक दूसरे को इगास पर्व की शुभकामना दी। सामूहिक रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सतीश नेगी ने इगास के पर्व पर सर्वजनिक अवकाश घोषित के जाने पर उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद किया। उन्होंने इगास मनाने की परंपरा के बारे में बताया। कहा कि अलग-अलग जगह लोग इसे अलग-अलग नाम से मनाते हैं। इस अवसर पर अध्यक्ष आदर्श शिवाजी नगर गौर सिंह भंडारी, पुष्कर सिंह तोमर, योगम्बर सिंह रौथाण, राजेंद्र प्रसाद लखेड़ा, उमराव सिंह पटवाल, भगत सिंह रावत, सतीश चंद कुकरेती, सत्येंद्र सिंह नेगी, रंजीत सिंह रावत, जय सिंह नेगी, कुंवर सिंह चौधरी, सौरभ पंवार, साक्षी डबराल, मोनिका नेगी, दरबान सिंह बुटोला, शिशुपाल सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह रावत, पारेशवर प्रसाद लखेड़ा, ज्ञान सिंह बिष्ट, विजय सिंह पवार, गंगा सिंह बिष्ट, रविंद्र सिंह पंवार, जयवीर सिंह रावत, बच्ची राम कुण्डलिया आदि उपस्थित थे।

