HARIDWARUTTARAKHAND

योजनाओं को बचाने के लिए जोशीमठ को नष्ट कर दिया: स्वामी शिवानंद

हरिद्वार

मातृसदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद ने कहा कि कुछ लोगों ने योजनाओं को बचाने के लिए जोशीमठ जैसे पवित्र तीर्थ स्थल और उसकी सांस्कृतिक धरोहर को नष्ट कर दिया है। विकास से लोग विनाश की ओर जा रहे हैं। सोमवार को प्रेस को जारी बयान में स्वामी शिवानंद ने कहा कि जोशीमठ के बाद अब अन्य स्थानों पर भी यह स्थिति देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में गंगा क्षेत्र से बड़ी मात्रा में खनन कर पत्थर निकाले जा रहे हैं। जिसके चलते हरिद्वार में भी प्राकृतिक आपदा आने से इंकार नहीं किया जा सकता है। हरिद्वार में मछली पालन के नाम पर बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए गए हैं। केंद्र की टीम ने जब इन तालाबों का निरीक्षण किया तो पाया गया कि इन तालाबों में मछली पालन नहीं किया गया है। केवल खनन करने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए गए हैं। हरिद्वार का पर्यावरण असंतुलित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने के कारण ही गंगा में मछलियां विलुप्त हो गई हैं। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से गंगा को दूषित किया जा रहा है। जिससे मछलियां मर रही हैं और गंगा जल पहले की तरह शुद्ध नहीं बचा है। ऐसे में वह गंगा में स्नान करने में संकोच करने लगे हैं। मातृसदन ने गंगा और प्रकृति से छेड़छाड़ न करने की सलाह दी है।