जोशीमठ आपदा अनियोजित विकास का परिणाम : रविंद्रपुरी
हरिद्वार
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने जोशीमठ में जमीन धंसने की घटना को अत्यन्त गंभीर बताते हुए कहा कि जोशीमठ आपदा अनियोजित विकास का परिणाम है।
श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि संत समाज द्वारा इस संबंध में कई बार सरकारों को चेताया गया। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि 2010 के कुंभ में भी संत समाज ने परियोजनाओं का विरोध किया था। संत समाज ने कहा था कि बड़ी परियोजनाओं पर रोक लगायी जाए, केवल छोटी परियोजनाएं चलायी जाएं। अखाड़ा परिषद और संत समाज अपनी और से प्रभावितों की यशासंभव मदद करेगा।
श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के कोठारी महंत जसविन्दर सिंह ने कहा कि जोशीमठ आपदा को लेकर केंद्र व राज्य सरकार लगातार सक्रिय है। सरकार की और से पीड़ितों की मदद की जा रही है। इस मौके पर संत जरनैल सिंह, महंत खेमसिंह, महंत सूर्यमोहन गिरी, महंत कृष्णानन्द, महंत अमनदीप सिंह, महंत गोविंददास, महंत रघुवीर दास, महंत सूरज दास, संत सुरजीत सिंह सहित कई संत महंतों ने संकट की इस घड़ी में सरकार को पूरा सहयोग देने की अपील की।

