HARIDWARUTTARAKHAND

चाइनीज मांझा को लेकर अधिवक्ताओं ने दिया ज्ञापन

हरिद्वार

मानव जीवन हो या पर्यावरण चाइनीज मांझा प्रत्येक दृष्टिकोण से बेहद नुकसानदायक हैं। इसकी चपेट में आकर प्रतिवर्ष कई लोग व सैकडों पशु-पक्षी घायल हो जाते हैं। यह चाईनीज मांझा बेहद खतरनाक होने के साथ ही मानव जीवन तथा पशु पक्षियों के लिए संकट का कारण भी है। इसलिए सावधान रहते हुए इस मांझे के प्रयोग से बचना चाहिए तथा इसके प्रति लोगों में जागरूकता भी पैदा किया जाना जरुरी हैं। चाइनीज-प्लास्टिक मांझे से प्रतिवर्ष होने वाली दुर्घटनाओं से बचने व इसकी बिक्री और उपयोग पर रोक लगाए जाने हेतू वरिष्ठ समाजसेवी एवं अधिवक्ता सचिन बेदी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं और समाजसेवियों ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार को एक ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी को दिये गए ज्ञापन में चाइनीज-प्लास्टिक मांझे से होने वाली अप्रतियाशित जनहानि से अवगत कराते हुए इसकी बिक्री और उपयोग पर पूर्णतः रोक लगाने तथा इसकी बिक्री करने वालों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। वरिष्ठ समाजसेवी एवं अधिवक्ता सचिन बेदी ने कहा कि यह चाईनीज मांझा प्रत्येक दृष्टि से बेहद खतरनाक एवं हानिकारक है, प्रतिवर्ष अनेकों लोग व जीव जन्तु इस मांझे की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो जाते हैं तथा गंभीर रूप से घायल भी हो जाते हैं। इसलिए प्रशासन द्वारा इस प्रकार के मांझे की बिक्री व उपयोग पर पूर्णतया पाबंदी लगाई जानी आवश्यक है। प्रतिबंधित होने के बावजूद भी यह मांझा बाजारों में आसानी से उपलब्ध हो जाता है तथा बेरोक-टोक धडल्ले से बेचा जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता सचिन बेदी, संदीप सतपुरिया, बृजपाल सिंह, अतुल कुमार, अनिल कुमार, सोनू राणा, दीपक धीमान, राम कुमार, जितेंद्र चैहान, अशोक पाठक, सौरव भारद्वाज, मनोज धीमान, रोहताश शर्मा, संदीप कश्यप, मुकेश कुमार आदि अधिावक्तागण मौजूद रहे।