UTTARAKHAND

बजरंग पुल का रास्ता साफ, केंद्र से मिली मंजूरी

ऋषिकेश।

बजरंग पुल का रास्ता साफ हो गया है। अब केंद्र सरकार ने भी पुल को तैयार करने के लिए मंजूरी दे दी है। दो साल से पुल का निर्माण कार्य अटका होने से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी थी। अब उम्मीद है कि जल्द पुल निर्माण कार्य तेज गति से शुरू हो जाएगा। पुराने लक्ष्मणझूला पुल के पास ही बजरंग पुल का सपना जल्द आकार लेगा। फिलहाल एक साल से केंद्र सरकार की अनुमति का इंतजार कर रहे लोनिवि को अब इसको तैयार करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। लोनिवि अधिकारियों का दावा है कि जीओ जारी होने के बाद बजरंग पुल का कार्य तेज गति से शुरू किया जाएगा। बता दें, कि 12 जुलाई 2019 को सरकार ने लक्ष्मणझूला पुल पर खतरे को देखते हुए इसे लोगों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया था। इसके बाद सरकार ने इसी पुल के समीप नया लक्ष्मणझूला पुल बनाने की कवायद की शुरू की थी। पहले इसे नया लक्ष्मणझूला पुल का नाम दिया गया था। लेकिन बाद में इसे बजरंग पुल का नाम दिया है। इसके लिए प्रथम चरण में सरकार ने तीन करोड़ की धनराशि भी जारी थी। इस धनराशि से मृदा परीक्षण और पुल की डीपीआर तैयार की गई। इसके बाद लोनिवि नरेंद्रनगर डिवीजन ने प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। फिर इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा गया। अब तक इसकी मंजूरी का मामला लटका पड़ा था। अब जाकर केंद्र की ओर से इसकी मंजूरी मिली है। मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर की है। उधर, नरेंद्रनगर लोनिवि डिवीजन के अधिशासी अभिंयता आरिफ खान ने बजरंग पुल निर्माण को अनुमति मिलने की पुष्टि की है। लेकिन बताया कि अभी तक लिखित आदेश नहीं आया है।