15 प्रतिशत गन्ना अभी बाकी मिल सत्र समाप्ति की ओर
हरिद्वार। लक्सर मिल पिराई स्तर समाप्ति पर है। जबकि किसानों का अभी लगभग 15 फीसदी गन्ना खेतों में ही खड़ा है। किसानों का आरोप है कि मिल कर्मचारियों ने किसानों को पर्चियां समय अनुसार नहीं दी गई है। वहीं, पर्चियां कम मिलने के कारण गन्ने को मिल में आपूर्ति नहीं कर पाए हैं। तोलकेन्द्र भी एक माह में मात्र एक सप्ताह ही चलता है। इससे किसान खेतों से गन्ने को खाली नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने जल्द तोलकेन्द्र को चालू कर किसानो के गन्ने उठान की मांग की है। पथरी क्षेत्र के गांव रानीमाजरा, धनपुरा, चांदपुर, शाहपुर, पदार्था, धारिवाला, शाहपुर, बादशाहपुर, एककड कला, अम्बुवाला, झाबरी, धनपुरा, सुगरसा, चिट्टी कोटि, दिनारपुर, शहदेवपुर, पदार्था सहित अन्य गांव के किसानों का लगभग 15 प्रतिशत गन्ने की आपूर्ति मिल में नहीं हो पाई है। जो अभी खेतो में ही खड़ा है। किसानों का आरोप है कि मिल की गलत नीति के चलते किसान एक एक पर्ची के लिए जूझ रहा है। किसान शोभाराम, सुशील, कवर पाल, सीताराम, कुलदीप, रोहन, प्रेम नाथ, जीशान, रहमान, राजू ने बताया लक्सर मिल द्वारा गांव के नजदीक लगे तोलकेन्द्रों को पिछले एक माह से नाम मात्र चलाया गया है। किसान गन्ने को लेकर तोलकेन्द्र पर जाता है तो वहां से तोल कर्मचारी गायब मिलते हैं। लक्सर मिल के जीएम सुरेश सर्मा ने बताया अभी तोलकेन्द्रों को बंद नहीं किया गया है। गन्ना कम होने के कारण पिराई स्तर समाप्ति की ओर है। जिन किसानों के पास गन्ना बचा है वह जल्द मिल में उसकी आपूर्ति कर सकते हैं।

