उच्च शिक्षा के अंतर्गत संचालित हो संस्कृत विवि: कुलपति
हरिद्वार। दीक्षांत समारोह विवि के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और चुनौतियां को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड संस्कृत विवि को शासन स्तर पर उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत विवि की प्रकृति को देखते हुए यहां पर प्राचीन ज्ञान से संबंधित न्याय, वैशेषिक, सांख्य, मीमांसा, वेदांत, धर्मशास्त्र और पुराणों आदि से संबंधित उच्च स्तरीय अनुसंधान होना आवश्यकता है। इसके लिए अपेक्षित संख्या में पद उपलब्ध न होने के कारण चुनौतियां बनी हुई है। कुलपति ने कहा कि आगामी दिनों में विवि नैक से मूल्यांकन की तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड तथा देश के अन्य विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षिक एवं अकादमिक कार्यों के लिए अनुबंध भी हस्ताक्षरित कराए गए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र और समाज के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान प्राचीन साहित्य और शास्त्रों में उपलब्ध है। इस वक्त सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि इस ज्ञान के व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा दिया जाए।

