गांव, देहात की महिलाओं का जागरूक होना जरूरी: आतिया
विकासनगर। ब्लॉक सभागार में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से महिलाओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता कौशल विकास प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागी महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। तीन दिनों तक चले प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उद्यमिता, उद्यम, बाजार, विपणन संबंधी जानकारी मुहैया कराई गई। शनिवार को प्रशिक्षण के समापन पर खंड विकास अधिकारी आतिया परवेज ने कहा कि देश की आधी आबादी को विधायिका में भी 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की कवायद शुरु हो चुकी है। इससे देश के विकास की नीतियां बनाने, कानून बनाने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। लेकिन इसके जरूरी है कि गांव, देहात और छोटे शहरों की महिलाएं भी जागरूक हों। गांव, देहात की महिलाओं की भागीदारी नहीं होने से महिला सशक्तीकरण बेमानी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहने के बजाय खुद आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनना होगा। आर्थिक आत्मनिर्भरता से आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। जिला खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अधिकारी डॉ. अलका पांडे ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार करने से हर महिला के हुनर का उपयोग होगा, जिससे उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता भी अच्छी होगी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए प्रशिक्षण शिविर इसीलिए आयोजित किए जाते हैं ताकि उनके हुनर को निखारा जा सके। ब्लॉक प्रमुख जसविंदर सिंह ने सभी प्रतिभागी महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कहा कि ब्लॉक की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस दौरान दयाशंकर, शोभित नैथानी, फरजाना, प्रभाकर बहुगुणा, विरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
