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युवाओं को नशे से दूर रखना बड़ी जिम्मेदारी : शिक्षा मंत्री

देहरादून(आरएनएस)।  प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं दी जा रही। बल्कि उन्हें नशे से दूर रखने के लिए हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों में नशा मुक्त कैंपस बनाए जा रहे हैं। ये बात शिक्षा मंत्री डा. धनसिंह रावत ने मंगलवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से जीएमएस रोड स्थित एक होटल में बाल अधिकार सशक्तिकरण को लेकर आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर कही। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने यूसीसी लागू करने का जो निर्णय लिया है, वो बड़ा कदम है। इससे प्रदेश में बाल विवाह पर रोक लगेगी। अब 18 साल से कम उम्र में बेटियों की शादी नहीं हो सकेगी। कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम राज्य ने पाए हैं। उन्होंने ये भी जानकारी द दी कि कैसे सभी निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मुफ्त एडमिशन अनिवार्य किए गए हैं। आयोग के सदस्य दीपक गुलाटी ने कहा कि आयोग समय समय पर विभिन्न जिलों में कार्यशाला कर बाल हितों के लिए जागरुक करता है। उन्होंने कहा कि राज्य में नशा, स्वास्थ्य, नई शिक्षा नीति, यातायात, बाल सुरक्षा जैसे विषयों पर लगातार मंथन होते रहने चाहिए। ताकि बाल अधिकारों को संरक्षण हो सके। सदस्य विनोद कपरवाण ने बताया कि कार्यशाला में आगे विभिन्न राज्यों से आये अध्यक्ष व सदस्यों के साथ विस्तृत विचार विमर्श किया जायेगा। कार्यशाला में सदस्य अजय वर्मा, रेखा रौतेला, सचिव प्रदीप सिंह रावत और अनुसचिव डा. एसके सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।