UTTARAKHAND

विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की 5जिलों की कार्यकारणी का गठन

नईटिहरी

उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में ऊर्जा निगम में कार्यरत विभिन्न जिले में कार्यरत कर्मचारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक के बाद उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी पांच जिलों की कार्यकारणी का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष और सचिव चुने गये। शुक्रवार को नई टिहरी स्थित एक होटल में उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा संगठन के संयोजक इंसारुलहक के अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा निगम में स्वयं सहायता समूह एवं संविदा कार्मिकों के वेतन एवं अन्य मामलों में ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों को कम मानदेय देकर शोषण किया जा किए जा रहा है। दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारियों को उचित इलाज नहीं मिल पाता है। स्वयं सहायता समूह एवं विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर सरकार को बीते दिनों 14 सूत्रीय मांग पत्र दिया गया, लेकिन उस पर भी कोई उचित कार्यवाही नहीं हो पाई। प्रदेश संयोजक ने सरकार से मांग करते हुये कहा कि स्वयं सहायता समूह और उपनल के तहत कार्यरत कर्मचारियों को विभागीय संविदा के आधार पर नियुक्ति दी जाए। नियमित कर्मचारियों को पुरानी एसीपी नौ, 14 तथा 19 वर्ष की व्यवस्था के आधार पर पुरानी पेंशन की बहाली, अवर अभियंता के पदों पर तत्काल पदोन्नति,सभी एलाउंसेस का पुनरीक्षण एंव अन्य मांगों पर सरकार तत्काल कार्यवाही करें। कहा आगामी पांच अक्टूबर तक कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो छह अक्टूबर से वह अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिये बाध्य होंगे। मौके पर संघ के अध्यक्ष विनोद ध्यानी, महामंत्री प्रदीप कंसल, पंकज सैनी, दीपक शांडिल्य, जयप्रकाश पन्त , यशपाल महर,विक्रम तोपवाल, विकेश कुमार, आरपी एस, संजीत, राणा, शिवपाल राणा, बहादुर सिंह रावत ,मदनलाल, मनवीर, प्रेम सिंह राणा कैलाश सेमवाल, नागेंद्र रावत, भगत सिंह राणा, मनोज कैंतुरा, अनिल सिंह, बलबीर सजवान, दीपेंद्र सजवान आदि मौजूद थे।
जिलेवार सर्व सम्मति से अध्यक्ष और सचिव चुने गये
बैठक के बाद जिलेवार नव नियुक्त कार्यकारणी का गठन किया गया, जिसमें में टिहरी से पप्पू, मनोज कैंतुरा, उत्तरकाशी से मदनलाल, प्रेम सिंह राणा, पौड़ी से अनूप रावत, स्वरुप सिंह, चमोली से कुंवर सिंह नेगी, भगत सिंह, रुद्रप्रयाग से महावीर सिंह, अनिल सिंह को क्रमश: अध्यक्ष और सचिव बनाया गया।