नर्सिंग में नॉलेज और स्किल्स का होना जरूरी: रेचल थोमस
ऋषिकेश
एम्स ऋषिकेश के कॉलेज ऑफ नर्सिंग में रविवार को वर्ष 2026 बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के नए बैच के लिए लैम्प लाइटिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नर्सिंग प्रोफेशनल में नॉलेज, स्किल्स और एटीट्यूड का समावेश होना जरूरी है। कार्यक्रम में नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्राओं को अनुशासन और सेवाभाव के प्रति फ्लारेंस नाईंटिगेल शपथ भी दिलायी गई। ऋषिकेश स्थित एम्स के मुख्य सभागार में आयोजित काय्रक्रम का शुभारंभ मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की एडिशनल डायरेक्टर जनरल मेजर रेचल थोमस ने किया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग का क्षेत्र चुनौतियों भरा पेशा है और इसमें मानसिक और शारीरिक दोनों ही प्रकार के स्वास्थ्य को मजबूत रखना होता है।इस पेशे में संयम, देखभाल, भावना और लगाव के साथ की जाने वाली सेवा शामिल है। उन्होंने साइंटिफिक ज्ञान, क्लिनिकल अनुभव और दया युक्त सेवाभाव के नर्सिंग प्रोफेशनल पर जोर दिया। कहा कि लैम्प लाइटिंग सेरेमनी, सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि प्रोफेशनल ज्ञान, मूल्यों और नर्सिंग की भावना को आगे बढ़ाने का प्रतीक भी है। मेजर जनरल थोमस ने इस पेशे में अनुशासन, जवाबदेही और नैतिक व्यवहार को बनाए रखते हुए रिसर्च, एजुकेशन लीडरशिप और पॉलिसी बनाने के अवसरों को तलाशने की बात भी कही। डीन एकेडेमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने नर्सिंग पेशे में नॉलेज, स्किल्स और एटीट्यूड को बेहतर बनाए रखने की बात कही। कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा करने का एक माध्यम भी है। साथ ही कहा कि इसमें ईमानदारी, पेशेंट कॉंफिडेंसिटिलिटी, एथिकल प्रेक्टिस और सोशल मीडिया के इस्तेमाल की भी इसमें जरूरत होती है। इस दौरान बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग प्रथम वर्ष बैच 2026 की छात्राओं को अनुशासन और सेवाभाव के प्रति फ्लारेंस नाईंटिगेल शपथ भी दिलाई गई। मौके पर कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिन्सिपल प्रो. स्मृति अरोड़ा, डीन रिसर्च प्रो. संजीव मित्तल, उप निदेशक प्रशासन ले. कर्नल गोपाल मेहरा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत धमीजा, प्रो. रविकांत, डा. रश्मि मल्होत्रा, आयोजन सचिव रुपिंदर देओल, राजेश कटारिया, मनीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।

