संन्यासी योद्धा थे स्वामी विवेकानंद
रुड़की। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर रामकृष्ण सेवा समिति रुड़की और संस्कार भारती की ओर से विचार गोष्ठी हुई। सेवा समिति अध्यक्ष डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्य वक्ता प्रो. संगीत रागी ने कहा कि कभी भी जीवन में कठिनाइयां आती हैं, वह हमें तोड़ देती हैं। ऐसे में हमें स्वामी विवेकानंद का स्मरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम से भारत को सीखने की आवश्यकता नहीं है। आध्यात्म का अपना विज्ञान है। छात्र अभिजीत राघव ने स्वामी विवेकानंद की संक्षिप्त जीवनी प्रस्तुत की। संस्कार भारती के क्षेत्र प्रमुख देवेंद्र रावत ने स्वामी विवेकानंद को योद्धा संन्यासी कहा। संरक्षक अशोक शर्मा ने दुनिया में सुख , समृद्धि और शांति भारतीय मूल्यों और संस्कृति से ही आ सकती है। कार्यक्रम का संचालन विवेक कंबोज ने किया। इस दौरान कमलेश चंद्र, डॉ. विनोद आर्य,डॉ. अर्जुन नाज्ञायान,राकेश मालवीय, पूजा नंदा, मनीषा सिंघल, प्रवीण त्यागी ,विवेक कांबोज,नरेश त्यागी ,डॉ. इंद्रसेन, नीलम, अजय भटनागर, अक्षय कुमार, अनिल कुमार, दिव्यांशी, सुनीता अरोड़ा, राखी, रीना, सीमा, निशा गुप्ता, तृप्ति वर्मा, नेहा शर्मा, प्रदीप त्यागी, भावना शर्मा, नीलम मधोक,पुष्करण,रोशनलाल अग्रवाल मधोक,भावना शर्मा, अंजली महेश्वरी, शिवानी विनायक, अजय भटनागर ,पूजा नंदा ,पंकज नंदा ,अक्षय कुमार, अभिजीत राघव आदि मौजूद रहे।

