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देहरादून में खड़े हैं 28 हजार से अधिक अवैध भवन

देहरादून  —

राजधानी में 28 हजार से अधिक अवैध भवन खड़े हैं। यह भवन भी वह हैं, जिनके चालान एमडीडीए ने किए हैं। यानी कि अवैध भवनों की संख्या इससे भी कहीं अधिक होगी। सरकार समय-समय पर वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम (ओटीएस) लाकर अवैध भवनों को कंपाउंड कर वैध बनाने के लिए प्रेरित करती रहती है। बावजूद इसके भवनों को वैध करने के लिए अपेक्षित आवेदन नहीं आ पाते हैं। इस दफा भी सरकार ने ओटीएस को मंजूरी दी है, मगर अभी इसका शासनादेश जारी होना बाकी है। फिर भी एमडीडीए ने अपने स्तर पर ओटीएस के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) उपाध्यक्ष रणवीर सिंह चैहान ने अधिकारियों व आर्किटेक्ट के साथ बैठक पर ओटीएस पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह शासनादेश आने के बाद भी स्पष्ट हो पाएगा कि भवनों को वैध बनाने के लिए मानकों में कितनी ढील मिलेगी। एमडीडीए को स्कीम से पहले ही इस तरह की व्यवस्था बनानी होगी कि स्कीम लागू होने के बाद आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो, क्योंकि ओटीएस के बाद भी कई दफा लोग भवन का वैध कराने के लिए अनावश्यक एमडीडीए कार्यालय के चक्कर लगाते रहते हैं।