धूमधाम से निकली जूना-अग्नि अखाड़े की पेशवाई, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा
हरिद्वार –
हरिद्वार में गुरुवार को श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा और अग्नि अखाड़ा की पेशवाई धूमधाम से निकाली गई। जूना, अग्नि अखाड़ा के साथ किन्नर अखाड़ा भी पेशवाई में शामिल हुआ। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर पेशवाई का स्वागत किया गया। चांदी के सिंहासन पर आचार्य महामंडलेश्वर विराजमान थे। उनके पीछे रथों पर महामंडलेश्वर चल रहे थे। सिंहासन और रथों को फूलों से सजाया गया। ज्वालापुर से शुरू हुई पेशवाई को देखने के लिए जन सैलाब उमड़ा। मुस्लिम समाज ने भी पेशवाई का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
ज्वालापुर पांडेयवाला से गुरुवार दोपहर 3 बजे जूना और अग्नि अखाड़ा के साथ ही किन्नर अखाड़ा की पेशवाई प्रारंभ हुई। इससे पहले जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, जूना अखाड़ा के संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि, अंतरराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि, उपाध्यक्ष श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती और किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी समेत सभी संतों ने पूजन कर विधि-विधान से पेशवाई शुरू की।
पेशवाई में सबसे आगे नागा संन्यासी और उसके बाद आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि का सिंहासन और उसके पीछे सभी महामंडलेश्वरों के रथ चलते रहे। इसके पीछे अग्नि अखाड़ा और किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वरों के फूलों से सजे रथ चल रहे थे। हेलीकॉप्टर के अलावा जगह-जगह लोगों ने पेशवाई पर पुष्प बरसाए। पेशवाई विभिन्न मार्गों से होते हुए ललतारौ पुल स्थित जूना अखाड़ा की छावनी में पहुंचकर सम्पन्न हुई।

