केंद्र के पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद कटौती पर चिदंबरम बोले, राज्यों के लिए एक तरफ कुआं, एक ओर खाई’ की स्थिति
नई दिल्ली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्र के पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क कटौती पर कहा कि अगर केंद्र राज्यों को और निधि या अनुदान नहीं देता है तो क्या राज्य पेट्रोल और डीजल पर वैट से मिलने वाले राजस्व को छोड़ने की स्थिति में होंगे? उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए हालात ‘एक तरफ कुआं और एक ओर खाई’ के जैसे हैं। पूर्व वित्त मंत्री की टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब एक दिन पहले सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में आठ रुपये प्रति लीटर की कटौती और डीजल पर छह रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की। चिदंबरम ने कहा, ‘पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने की अधिसूचना अब आ गई है। वित्त मंत्री ने ‘उत्पाद शुल्क’ शब्द का इस्तेमाल किया था लेकिन कटौती दरअसल अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में की गई है, जिसे राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता है। इसलिए मैंने कल जो कहा था, उसमें सुधार करते हुए अब मैं कहना चाहता हूं कि कटौती का पूरा बोझ केंद्र पर ही आएगा।’ उन्होंने कहा कि राज्यों को पेट्रोल तथा डीजल पर उत्पाद शुल्क का बहुत कम हिस्सा मिल रहा है। उन्हें पेट्रोल और डीजल पर जो राजस्व मिलता है वह वैट के जरिये मिलता है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘ऐसे में जब तक केंद्र राज्यों को और निधि या अनुदान नहीं देगा, क्या तब तक वे राजस्व में कटौती कर पाएंगे।’ उन्होंने सिलसिलेवार कई ट्वीट कर कहा कि राज्यों के लिए तो स्थिति ‘एक तरफ कुआं और एक ओर खाई’ के जैसी है।

