एसडीएम ने परखीं बाढ़ राहत चौकियों की व्यवस्था
रुडकी
बरसात का मौसम शुरू होने के पहले से ही प्रशासन आपदा से निपटने की तैयारी में लग गया है। लक्सर की सभी चार बाढ़ राहत चौकियों पर दो शिफ्ट में कर्मचारियों की अलग- अलग टीम लगाई गई हैं। गुरुवार को एसडीएम ने चारों चौकियों का निरीक्षण किया और टीमों को 24 घंटे एलर्ट रहने की हिदायत दी।
गंगा और सोलानी नदियों के बीच में होने के कारण लक्सर तहसील का काफी बड़ा हिस्सा बाढ़ आपदा के लिहाज से काफी संवेदनशील है। बारिश के सीजन में दोनों नदियों के आसपास बसे गांवों को अक्सर जानमाल का नुकसान उठाना पड़ता है। आने वाले बरसात के मौसम में नुकसान को कम से कम करने के लिए प्रशासन अभी से तैयारी करने में लगा है। पिछले साल वाली चारों बाढ़ राहत चौकियों को एक्टिव करने के साथ ही हर चौकी पर राजस्व, शिक्षा व ग्राम्य विकास विभाग के कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। प्रत्येक चौकी पर कर्मचारियों की दो टीमें शिफ्ट के हिसाब से 24 घंटे हालात की निगरानी करेंगी। चौकियों पर आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए जरूरी सामान भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। गुरुवार को एसडीएम गोपाल राम बिनवाल ने बारी-बारी से सभी चार चौकियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्हें चारों जगह शिफ्ट की टीमें मौजूद मिली। उन्होंने संवेदनशील गांवों के जनप्रतिनिधियों और दूसरे जिम्मेदार लोगों के मोबाइल नंबर लेने के निर्देश टीम प्रभारी को दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत चेताया जा सके। एसडीएम ने बताया कि लक्सर और खानपुर में राहत शिविर के लिए भवन भी चिन्हित किए गए हैं।
