UTTARAKHAND

इमाम हुसैन की शहादत को याद किया

रुड़की

मोहर्रम की एक तारीख को रविवार की रात नगर से लेकर देहात तक इमामबाड़ों में हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद कर मजलिस का आयोजन किया गया। इन मजलिसों में भारी संख्या में लोगों ने भाग लेकर हजरत इमाम हुसैन को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उलेमा हजरात ने सभी लोगों से देश में एकता भाईचारा और सौहार्द का वातावरण बनाने का आह्वान किया। नगर के मोहल्ला पठानपुरा स्थित बड़े इमामबाड़े पर मौलाना शेख रिजवान उल मारुफी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन किसी धर्म विशेष अथवा समुदाय विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरी मानव जाति के लिए एक आदर्श हैं। जिनके द्वारा कर्बला के मैदान में जालिम की बड़ी ताकत होने के बावजूद इंसानियत के परचम को बुलंद रखा गया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का इस्लाम में कोई स्थान नहीं है। यदि कोई व्यक्ति आतंक फैला कर अपने आपको इस्लाम का पैरोकार बताता है तो वह झूठ बोलता है। नगर स्थित बारगाह ए बाबुल मुराद, मोहल्ला हल्का स्थित छोटा तथा बड़ा इमामबाड़ा, ग्राम टांडा भंनेड़ा, ग्राम जैनपुर झंझेडी तथा नगर के मोहल्ला बंदर टोल स्थित इमामबाड़ों में या हुसैन, या हुसैन की सदाएं बुलंद हो रही हैं। इस अवसर पर सैय्यद अली हैदर जैदी, अमीर हैदर जैदी, युसूफ हुसैन, शमीम आरफी, रेहन हैदर, नसीम हैदर, शमशुल हसन, हसनैन रजा जैदी, मोहम्मद हुसैन वफा, रौनक जैदी, अकील हुसैन, अली महदी जैदी, रजब अली आरफी, कमाल मेहंदी, शीराज हुसैन, चौधरी तसव्वर हुसैन, जिंदा हसन, अनीस अहमद आदि मौजूद रहे।