मौजूदा केन्द्रीय समर्थन मूल्य किसानों के साथ विश्वासघात- रामाशीष राय
लखनऊ
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बहुत प्रतीक्षा के बाद रगन्ने की फसल के लिए एफआरपी में मात्र 15 रूपये की बढोत्तरी करके गन्ना किसानों को लॉलीपाप थमाने की कोशिश की गयी है। एफआरपी के अनुसार अब गन्ना मूल्य तीन सौ पांच रूपये प्रति कुन्तल हो जायेगा जिससे कोई भी मील मालिक इससे कम पर गन्ना खरीद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह बढोत्तरी केवल ऊँट के मुंह में जीरा है, क्योंकि खाद डीएपी का मूल्य 1200 रूपये से बढक़र 1900 हो गया और डीजल 100 रूपये लीटर तथा बिजली मूल्य भी आसमान छू रहा है।
श्री राय ने कहा कि प्रारम्भ से ही यह प्रदेश और केन्द्र की सरकारें किसान विरोधी रही हैं और इनके शासनकाल में चाहे धान किसान हो, या आलू किसान और गन्ना किसान हो, सभी त्रस्त हैं। यहां तक कि एक वर्ष तक केन्द्र की राजधानी के चारों तरफ हजारों किसान धरना देते रहे और जाड़ा, गर्मी व बरसात के तीनों मौसम की मार भी झेली तथा लगभग 750 किसानों की अकाल मृत्यु भी हुयी। लेकिन केन्द्र सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने सडक़ से लेकर संसद तक कहीं भी किसानों को दो शब्दों की श्रद्धांजलि भी न दी। आखिर वो सरकार कैसे किसानों की हितैषी हो सकती है, जो किसानों की फसलों का सही मूल्य निर्धारण भी न कर सके।

