Uttrapradesh

योगी के मंत्री सचान के बाद डॉ.संजय निषाद पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

गोरखपुर

योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को अदालत ने आर्म्‍स एक्‍ट के मामले में दोषी करार दिया है। जिसके बाद सचान की विधायकी पर कानूनी तलवार लटक रही है। इधर, योगी सरकार के एक और वरिष्‍ठ मंत्री डॉ.संजय निषाद के खिलाफ गोरखपुर की अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। वारंट उसी कसरवल कांड के मामले में जारी हुआ है, जिसके कारण डॉ.संजय निषाद यूपी में निषादों के नेता बने।
वारंट के मामले में अदालत से यदि उन्‍हें राहत नहीं मिली, तब उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। उनके खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। सीजेएम जगन्नाथ ने मत्स्य पालन मंत्री को 10 अगस्त तक गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। आदेश को अमल में लाने की जिम्मेदारी गोरखपुर की शाहपुर पुलिस को दी गई है।
उधर, कोर्ट से हुए आदेश की कॉपी करीब दो किमी की दूरी पर स्थित शाहपुर थाने पर रविवार तक नहीं पहुंच सकी थी। इंस्पेक्टर शाहपुर रणधीर मिश्र ने बताया है कि अभी उन्हें आदेश की कापी नहीं मिली है, सोमवार को कापी मिलेने की उम्मीद है उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी। गोरखपुर और संतकबीरनगर की सीमा पर स्थित कसरवल में साल-2015 के जून महीने में यह कांड हुआ था। सरकारी नौकरियों में निषादों को पांच फीसदी आरक्षण देने की मांग को लेकर राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के बैनर तले गोरखपुर-सहजनवा रेलवे लाइन पर कसरवल के पास अचानक सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे और ट्रेन का चक्का जाम कर दिया। राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के संयोजक डॉ.संजय निषाद की अगुवाई में यह आंदोलन हुआ था। इस आंदोलन की तैयारी इतनी गोपनीय थी कि इसकी जानकारी रेलवे प्रशासन, पुलिस-प्रशासन को तब हुई जब कसरवल में सैकड़ों की भीड़ इकह्वा हो गई।
यह भीड़ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आई थी। गोरखपुर और संतकबीरनगर जिले की पुलिस और आरपीएफ ने आंदोलनकारियों को समझा-बुझाकर रेल ट्रैक खाली कराने का प्रयास किया, तब बवाल हो गया। पुलिस पर पथराव शुरू हो गया गोलियां चलीं। तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई। आंदोलन में शामिल 22 साल के युवक की मौत हो गई थी। पथराव में गोरखपुर के तत्कालीन डीआईजी और संतकबीरनगर के एसपी सहित 30 से अधिक पुलिस कर्मचारी भी घायल हो गए थे। इस मामले में संजय निषाद सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने एक-एक करके सभी को गिरफ्तार किया। संजय निषाद ने कोर्ट में सरेंडर किया।