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ताड़ पत्र पर लिखे जैन धर्म ग्रंथ 1500 साल तक रहेंगे सुरक्षित

सूरत

श्वेतांबर जैन आचार्य कीर्तियस सुरीश्वर जी महाराज ने अब तक हजारों श्लोकों को ताड़ पत्र पर सुरक्षित रखने के लिए लिखवाया है। ताडपत्र पर जैन श्लोकों को लिखवाने और सुरक्षित रखने के लिए बेसाल्ट पत्थरों के बंकर भी तैयार कराए जा रहे हैं। ताकि परमाणु हथियारों से भी उन्हें सुरक्षित किया जा सके। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक आपदा में भी जैन ग्रंथ सुरक्षित रहें। इसकी व्यवस्था की गई है।
ताड़ पत्र लेखन के काम की जानकारी देते हुए सूरत के धनेश भाई संघवी ने कहा ताड़ पत्र खास वनस्पति के होते हैं। कश्मीर से विशेष ताड़ पत्र मंगाए गए हैं। अमूमन इन पत्तों की लंबाई 13 इंच की होती है। 6 पंक्तियों के श्लोक इनमें लिखे जा सकते हैं। ताड़ पत्र पर हल्के से छेद कर इनमें स्याही भरी जा रही है। जिसके कारण यह लगभग 1500 वर्ष तक खराब नहीं होंगे।अब तक 29 ग्रंथो के संग्रह तैयार हो चुके हैं। इन्हें सुरक्षित रूप से रखने का काम किया जा रहा है।