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स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने किया ’’होम्योपैथी-भविष्य की दवाईं’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग

काशीपुर

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, सहकारिता, उच्च शिक्षा, विद्यालय शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज काशीपुर स्थित होटल हॉलिडे आनंद में राष्ट्रीय होमियोपैथिक संगोष्ठी ’’होम्योपैथी-भविष्य की दवाईं’’ कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। स्वास्थ्य मंत्री ने सर्वप्रथम होम्योपैथी के जनक डॉ. क्रिस्चन फ्रेड्रीक सिमुअल गॉटफ्राइड हनीमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में होमियोपैथी रिसर्च के बाद नई तकनीकों को कार्यक्रम में आये अन्य डॉक्टरों के साथ साझा किया गया ताकि होमियोपैथी तकनीक को और आगे बढ़ाया जाए और समाज को अधिक से अधिक लाभान्वित कर सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रदेश में 111 होम्योपैथिक चिकित्सालय है जिसमें लगभग 1200 चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होने कहा कि नेशनल आयुष मिशन के तहत एक होम्योपैथिक कॉलेज शीघ्र खोला जायेगा जिसके लिए हमारी सरकार वचनबद्ध है। उन्होने कहा कि एनएचएम के तहत प्रत्येक सीएचसी एवं पीएचसी में होम्योपैथी के 26 चिकित्सक रखे गये हैं एवं सभी सीएचसी एवं पीएचसी में 277 चिकित्सकों की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है ताकि एक ही अस्पताल में मरीजों की सुविधा हेतु एलोपैथी, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक सभी का उपचार हो सके। उन्होने कहा कि निजी अस्पतालों के संचालन में क्लीनिकल एक्ट की जो समस्याएं आ रही हैं केन्द्र सरकार की संस्तुति से उसमें संशोधन किया जायेगा जिससे 30 से 50 बैड तक के निजी अस्पतालों के संचालन में सुगमता आयेगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों 18 वर्ष की आयु से कम बच्चों को निःशुल्क दी जाने वाली दवाईयां दी जाती हैं, ऐसे विद्यालयों में अब ऐलोपैथिक के साथ-साथ होम्योपैथिक की टीमें भी भेजी जायेंगी इसके लिये योजना बनाई जा रही है। मंत्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य देश का पहला राज्य है जिसमें बड़े निर्णय लिये गये हैं, जिसके अन्तर्गत पहला निर्णय कि प्रदेश में ऐसे लोग जो आयुष्मान भारत योजना में नहीं आते हैं उनको अटल आयुष्मान योजना से लाभान्वित करेंगे जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को 5 लाख तक का उपचार मुफ्त में दिया जायेगा, अभी तक उत्तराखण्ड प्रदेश में लगभग 50 लाख आयुष्मान भारत एवं अटल आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके जिसके कारण अभी तक प्रदेश में 6 लाख लोगों का उपचार मुफ्त में किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जनसंख्या के आधार पर सर्वाधिक कार्ड बनाने वाला राज्य उत्तराखण्ड है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एक-एक वैन की व्यवस्था की गई है जिसके माध्यम से अभियान चलाकर विद्यालयों/कॉलेजों/घरों में जाकर निशुल्क कार्ड बनाये जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य कोरोना की पहली एवं दूसरी डोज शत प्रतिशत लगाई जा चुकी है, और तीसरी (प्रीकॉशन डोज) भी हमारे राज्य में 20 प्रतिशत लगाई गयी है जो पूरे देश में 11 प्रतिशत ही हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि 30 सितम्बर तक तीसरी डोज पूरे प्रदेश में निशुल्क लगाई जायेगी एवं 30 सितम्बर 2022 के बाद 400 रू. प्रति डोज का शुल्क लिया जायेगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग 30 सितम्बर तक आवश्य लगायें। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में सभी गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल तक लाना एवं प्रसव के बाद घर तक पहुंचाने की निःशुल्क व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 38 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 88 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हो रही है जिसे शीघ्र शत-प्रतिशत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सरकारी अस्पतालों में 258 प्रकार की जांचे निःशुल्क की जा रही है, लगभग 400 प्रकार की दवाईयां मुफ्त में दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर में 100 एकड़ भूमि में एम्स बनाया जायेगा जिसका अतिशीघ्र भूमि पूजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में 2800 नर्सो की भर्तियां वर्षवार किये जाने की प्रक्रिया की जा रही है ताकि सभी सीएचसी एवं पीएचसी में नर्सों की कमी न हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में 1 लाख 40 हजार में एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा है जोकि पूरे देश सबसे सस्ती है। मंत्री ने कहा कि जो प्रोफेसर श्रीनगर, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाऐं देगा उसको 50 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के सभी जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा प्रारम्भ कर दी गयाी जिसके लिए डायलिसिस के मरीजों को घर से लाने व डायलिसिस के उपरान्त घर तक पहुंचाने की सुविधा भी बिल्कुल मुफ्त में दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों का सड़क दुर्घटना में घायल हो जाता है चाहे वो उत्तराखण्ड का हो या किसी अन्य प्रदेश का उसका उपचार भी निःशुल्क किया जायेगा। इस दौरान मंत्री ने डॉ. अक्षय कुमार, डॉ राजेंद्र सिंह, डॉ. रजनीश कुमार शर्मा, डॉ. एसके शर्मा एवं डॉ. योगेंद्र त्यागी को लाईफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के साथ अन्य प्रदेशों से लगभग 200 डॉक्टरों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा खिलेन्द्र चौधरी, डॉ. जेएल फर्मल, डॉ शैलेन्द्र पाण्डे, गजेंद्र सिंह कफलिया, डॉ. केसी चन्दोला, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. आर कांत, डॉ. श्वेता सिंह, डॉ. दिव्यांश लोहनी, डॉ. वैभव शर्मा बलजीत सिंह सुमेरिया, मो. अब्बास जैदी आदि उपस्थित थे।