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अवैध खनन रोकने के लिए खट्टर सरकार ने बनाई रणनीति

नई दिल्ली 

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाया है। मुख्य सचिव ने राज्य के सभी उपायुक्तों (डीसी) को ड्रोन सर्वेक्षण, सैटेलाइट इमेजरी और अवैध खनन वाले क्षेत्रों की वीडियोग्राफी करने का निर्देश दिया है ताकि वहां वास्तविक जमीनी स्थिति और अवैध खनन की वजह से हुए बदलावों के बारे में पता लगाया जा सके। दरअसल, नूंह में डीएसपी सुरेंद्र सिंह बिश्नोई की हत्या के बाद अवैध खनन फिर सुर्खियों में आ गया है। 2009 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा खनन पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद अरावली में खनन जारी है। प्रतिबंध से पहले निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रेत और पत्थरों के लिए इस अति संवेदनशील पहाड़ी श्रृंखला की दशकों तक लगातार खुदाई की गई थी। गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, नूंह और महेंद्रगढ़ जिलों से अभी भी अवैध खनन के मामले सामने आ रहे हैं। खनन अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि गुरुग्राम में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध है और किसी भी खनन गतिविधि की अनुमति नहीं दी गयी है। शहर में नौरंगपुर और रायसीना दो क्रशर जोन हैं। इस साल जनवरी से अगस्त के बीच 35 वाहनों को सीज किया गया है और अवैध खनन को लेकर 23 प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, श्साथ ही अवैध खनन करने वालों पर कुल 56.9 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।श् हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बुधवार को अवैध खनन को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी डीसी की बैठक की उन्हें अवैध खनन रोकने के लिए ड्रोन और वीडियोग्राफी का इस्तेमाल करने को लेकर निर्देश दिया। बैठक में गुरुग्राम के डीसी निशांत यादव, डीसीपी उपासना, खनन अधिकारी अनिल कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को टौरू डीएसपी की हत्या के बाद खान एवं भूविज्ञान विभाग द्वारा तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की जानकारी दी। कौशल खुद हर जिले में खनन रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जिलेवार समीक्षा करेंगे। एसओपी ड्रोन के इस्तेमाल, सैटेलाइट इमेजरी और अवैध खनन वाले क्षेत्रों की वीडियोग्राफी पर जोर देता है। सभी जिलों में उपायुक्त के अधीन एक जिला स्तरीय टास्क फोर्स को अधिसूचित किया गया है। गुरुग्राम डीसी निशांत यादव ने कहा, श्ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी को वीडियोग्राफी के साथ, अवैध खनन की जांच में इस्तेमाल किया जाएगा।