10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण संबंधित विधेयक पुनर्विचार को लौटाकर राजभवन ने किया सराहनीय कामः रघुनाथ
देहरादून
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी न कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मामले से संबंधित विधेयक, जोकि लगभग छह वर्ष से राजभवन में लंबित था, को राजभवन द्वारा पुनर्विचार के लिए लौटा कर राजभवन ने सराहनीय काम किया है। आज पत्रकारों से वार्ता करते हुए मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा है कि अब उम्मीद है कि अब आंदोलनकारियों को न्याय मिलेगा। नेगी ने कहा कि पूर्व में उच्च न्यायालय द्वारा अपने आदेश 26 अगस्त 2013 व एक अप्रैल 2014 के द्वारा आरक्षण पर रोक लगा दी गई थी और उन्होंने कहा कि इसी मामले में सात मार्च 2018 के द्वारा भी आदेश पर रोक लगा दी गई थी। उन्होंने कहा कि उक्त आदेश वर्ष 2013 व 2014 के खिलाफ वर्ष 2015 में कांग्रेस सरकार के मुखिया हरीश रावत द्वारा आंदोलनकारियों के समर्थन में विधेयक पारित कराकर राजभवन को भेजा गया था, लेकिन कई बार मिन्नतें करने के बावजूद भी विधेयक राजभवन में धूल फांक रहा था। उन्होंने कहा कि मोर्चा द्वारा कई बार राजभवन के खिलाफ आंदोलन कर विधेयक पास करने अथवा लौटाए जाने का आग्रह किया गया था तथा इस मामले में सरकार से भी पुनः राजभवन से आग्रह करने हेतु पत्र प्रेषित करवाए गए थे, लेकिन राजभवन खामोश रहा। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में मोर्चा के महासचिव एवं राज्य आंदोलनकारी आकाश पंवार, विजय राम शर्मा व भीम सिंह बिष्ट मौजूद थे।

