लोहारी के ग्रामीणों ने सीएम से की विस्थापन की मांग
विकासनगर। विस्थापन की मांग को लेकर व्यासी बांध परियोजना स्थल जुड्डो में धरना दे रहे ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला। ग्रामीणों ने सीएम को बताया कि विस्थापन नहीं होने से उनके अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कहा कि कुछ लोग जो इस मामले में सीएम सहित जिम्मेदार मंत्री और अधिकारियों को भ्रमित कर रहे हैं। लिहाजा ग्रामीणों का जल्द विस्थापन किया जाना चाहिए। भाजपा नेता और पूर्व दर्जाधारी प्रताप सिंह रावत के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि लोहारी गांव व्यासी बांध परियोजना से पूर्ण प्रभावित है। इसी के चलते पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जीवनगढ़ और अंबाड़ी की रेशम विभाग की जमीन पर ग्रामीणों के विस्थापन के लिए प्रस्ताव पारित किया था। कुछ लोगों ने राजनैतिक स्वार्थ के चलते विस्थापन की प्रक्रिया लटका दी है। बताया कि ग्रामीण अपनी पूरी कृषि भूमि भी बांध परियोजना के लिए सरकार को दे चुके हैं, ऐसे में उनके पास जमीन नहीं बची है। जमीन के बदले जमीन की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन हर बार उन्हें झूठा आश्वासन मिला। अब वर्तमान सरकार ने रेशम विभाग की जमीन पर विस्थापन के प्रस्ताव को भी निरस्त कर दिया है, जिससे उनके बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बताया कि परियोजना के पूरा होने के बाद लोहारी गांव के ग्रामीण अपने ही देश में शरणार्थियों की जिंदगी जीने पर मजबूर हो जाएंगे। जमीन नहीं होने के कारण ग्रामीण अब अपने बच्चों को छत मुहैया कराने में भी असमर्थ है। ग्रामीणों ने अंबाड़ी, जीवनगढ़ स्थित रेशम विभाग की जमीन पर उनका विस्थापन करने की मांग की है। प्रतिनिधि मंडल में नरेश चौहान, शूरवीर चौहान, सरदार सिंह, रमेश चौहान आदि शामिल रहे।

