मर्म चिकित्सा असाध्य रोगों को दूर करने में लाभकारी: जोशी
हरिद्वार
उत्तराखंड आयुर्वेद विवि के कुलपति प्रो.सुनील कुमार ने कहा कि मर्म चिकित्सा वरदान की तरह है, जो असाध्य रोगों को दूर करने में उपयोगी एवं लाभकारी है। मर्म चिकित्सा से स्वयं ही निरोग रह सकते हैं। योग के आसन मर्मों का उपचार करते हैं। अतः आसनों के अभ्यास से मर्म चिकित्सा हो जाती है। गुरुकुल कांगड़ी विवि के योग विभाग में आयोजित ओरियंटेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑन योग फॉर आयुष डॉक्टर्स के तीसरे दिन पर मुख्य अतिथि प्रो. सुनील कुमार जोशी कहा कि आप अपनी चिकित्सा पद्धति के साथ मर्म चिकित्सा का प्रयोग करके जनमानस को स्वास्थ्य प्रदान कर सकते हैं। प्रो. रेखा वागानी ने योग आधारित मनोवैज्ञानिक परामर्श की तकनीकों के प्रयोग करने की विधि बताते हुए कहा कि रोगी से बात करते हुए हम उसे रोग से राहत दे सकते हैं। अच्छी बातचीत रोगी के अवसाद, तनाव को दूर करने का काम करती है। अतः चिकित्सक को रोगी की काउंसलिंग अच्छे से करनी चाहिए। इस अवसर पर योग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि आज के सत्र सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभकारी होंगे। मर्म चिकित्सा एवं काउन्सलिंग का प्रयोग करके चिकित्सक अपनी चिकित्सा में उत्कृष्टता ला सकते हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ. ऊधम सिंह ने विचार रखे।

