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संस्कृत अकादमी ने चार लाख की पुस्तकें निशुल्क वितरित की

हरिद्वार

उत्तराखंड संस्कृत अकादमी में शुक्रवार को प्रदेश के 31 महाविद्यालयों एवं चार प्राथमिक संस्कृत विद्यालयों के छात्रों को चार लाख की निशुल्क पुस्तकें प्रदान की गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्कृत अकादमी के कोषाध्यक्ष सत्येन्द्र प्रसाद डबराल ने कहा कि संस्कृत हमारी द्वितीय राजभाषा है। संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने के लिये प्रचार-प्रसार के साथ संस्कृत में शिक्षा एवं संस्कृत विषय की शिक्षा आवश्यक है। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक डॉ. पदमाकर मिश्र, उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव डॉ. वाजश्रवा आर्य, डॉ. राम भूषण बिजलवाण, डॉ. नवीन जोशी, डॉ. हरीश गुरुरानी आदि मौजूद थे।