उक्रांद ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को दी बधाई
हरिद्वार
उत्तराखण्ड क्रांति दल के जिला कार्यालय ऋषिकुल हरिद्वार में भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस एवं 76वीं वर्षगांठ को मनाया गया। ध्वजारोहण उत्तराखण्ड आन्दोलन के सूत्रधार व फील्ड मार्शल कहलाने वाले पूर्व कबीना मंत्री दिवाकर भट्ट ने किया। राष्ट्रीय ध्वजारोहण के दौरान हरिद्वार जिले के उक्रांद केंद्रीय एवं जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को पूर्व कबीना मंत्री दिवाकर भट्ट ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन की अवधारणा को हरिद्वार के जन-जन तक पहुंचाने और पूर्ण करने की शपथ दिलाई। पूर्व काबीना मंत्री दिवाकर भट्ट ने अपने सम्बोधन में कहा कि इंगलेण्ड की गुलामी नजाद पाने के लिये अनेकों स्वतंत्रता सैनानियों नें कुर्बानियां दी और साथ ही साथ उत्तराखण्ड पृथक राज्य की लम्बी लडाई में 42 शहादतें व अनेक बहनों बेटियों ने अस्मिता की कुर्बानियां इसलिये नहीं दी थी कि जैसा आज का उत्तराखण्ड स्वरूप ले रहा है, जहां बहनों बेटियों की अस्मिता को लूटकर हत्याएं हो रही हैं और ऐसे जघन्य कांड करने वालों को सरकार बचाने के हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज भी बहुत ऐसे क्षेत्र हैं, जहां विकास की किरणे नहीं पहुंची हैं और विषमताओं का अम्बार है। जिसका सबसे बडा उदाहरण उत्तराखण्ड राज्य है। केन्द्रीय सलाहकार रवीन्द्र वशिष्ठ ने अपने अश्रुपूरित सम्बोधन में कहा कि उन्हे आज कवि कुमार विश्वास की चंद पंक्तियां याद आ रही हैं नमन उनको, जिनके आगे बौना हिमालय हो गया, जो गिर धरा पर आसमानी हो गये, रक्त से अपने अमर कहानी लिख गये, है नमन उनको। भारत का स्वतंत्रता संग्राम 1857 में ही आरम्भरू हो गया था जिसके फलस्वरूप 1947 में भारत की जनता स्वतंत्रतापूर्ण स्वांस ले सकी जिसको अक्षुन्य बनाये रखना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। कहा कि आज भी बहुत ऐसे क्षेत्र हैं जहां विकास की किरणें नहीं पहुंची हैं और विषमताओं का अम्बार है जिसका सबसे बड़ा उदाहरण उत्तराखण्ड राज्य है। पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष सरिता पुरोहित ने कहा कि स्वतंत्रता का मायना तब तक पूरा नहीं होगा जबतक महिलाओं के सश्क्तिकरण के लिये कार्य नहीं होता। उक्रांद जिलाध्यक्ष बल सिंह सैनी ने कहा कि जिस भारत की स्वतंत्र आबोहवा में आज हम सांस ले रहे हैं, वह हजारों स्वतंत्रता सैनानियों के निरूस्वार्थ त्याग व बलिदान से प्राप्त हुई है यह आज के हर नागरिक को याद रखना होगा इस स्वतंत्रता को कायम रखने की जिम्मेदारी आज के नौजवान युवकों के कंधों पर है। जिस तरह से आजकल की राजनीति पेंग बढा रही है, भारत को आर्थिक गुलामी की ओर लेजाया जा है। भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता सैनानियों राज्य आन्दोलनकारियों याद करने वालों में पुर्व कबीना मंत्री दिवाकर भट्ट, केन्द्रीय सलाहकार रवीन्द्र वशिष्ठ, केंद्रीय उपाध्यक्ष सरिता पुरोहित, जिलाध्यक्ष बल सिंह सैनी, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, जिला कर्यकारी अध्यक्ष जसवन्त सिंह बिष्ट, जिला कार्यालय मंत्री रजत शर्मा, सुरेंद्र सिंह रावत, सुरेंद्र उपाध्याय, कमल राणा, शिशपाल रावत, अमन पंवार, देवेंद्र गैरोला अन्य स्थानीय निवासियों ने भाग लिया।

