UTTARAKHAND

शिक्षा में वैज्ञानिक संसाधनों की आवश्यकता: रामदेव

हरिद्वार

पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगगुरु रामदेव ने कहा कि आने वाले समय में प्राचीन शिक्षा प्रणाली के साथ आधुनिक और वैज्ञानिक संसाधनों की अधिक आवश्यकता होगी। उन्होंने अष्टाध्यायी जैसी प्राचीन और प्रामाणिक व्याकरण शास्त्र को कम्प्यूटर के माध्यम से कैसे समझा और समझाया जा सकता है, इस विषय में अपना व्यापक दृष्टिकोण रखा। यह बातें उन्होंने कार्यक्रम के समापन अवसर पर कही।

पतंजलि विश्वविद्यालय में मानविकी एवं प्राच्य विद्या संकाय के अन्तर्गत दर्शन एवं संस्कृत विभाग की ओर से संस्कृत कम्प्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने किया। बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय प्राचीनता और आधुनिकता को एक साथ लाकर नवीन प्रतिमान स्थापित कर रहा है। इसके अन्तर्गत नए अनुसंधान के साथ ही प्राचीन और दुर्लभ ग्रंथों को भी कम्प्यूटर की भाषा में सरल, पाठ्य और संकलित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।