HARIDWAR

नई शिक्षा नीति 2020 में कौशल विकास को महत्वपूर्ण स्थान

हरिद्वार

भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में मंगलवार के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के निर्देश में छात्रों के व्यवहारिक एवं प्रयोगात्मक कौशल उन्नयन के लिए एक 15 दिवसीय संस्कृत प्रशिक्षुता प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें छात्रों को सैद्धान्तिक एवं तकनीकी विषयों का प्रयोगात्मकता एवं मानवीय जीवन में व्यवहारिक कौशल प्रदान किया जाएगा। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. व्रजेन्द्र कुमार सिंहदेव ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 में कौशल विकास को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इस नीति का उद्देश्य छात्रों को 21वीं सदी के लिए आवश्यक कौशल से परिपूर्ण करना है। जिसमें आलोचनात्मक चिन्तन, रचनात्मकता, डिजिटल साक्षरता और सहयोग शामिल हैं।