टीकाकरण के लिए कोटेदारों की मदद लेंगे
रुड़की। कोविडरोधी टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रशासन कोटेदारों की मदद लेगा। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने इस बारे में खाद्य पूर्ति विभाग को आदेश जारी किए हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद मामले थमे हैं। लेकिन नए वेरिएंट ऑमिक्रोन को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। कोविडरोधी पहला टीका लगाने को लेकर जिस तरह की मारामारी मची थी दूसरा टीका लगाने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे को उतनी ही मशक्कत करनी पड़ रही है। रुड़की शहरी क्षेत्र में करीब 1.82 लाख लोगों को पहला टीका लग चुका है। करीब चालीस हजार लोग ऐसे हैं जो दूसरे टीके की तय तारीख होने के बाद भी टीकाकरण के लिए नहीं आ रहे हैं। छह से आठ दिसंबर तक महाअभियान भी चलाया गया था। इसमें पंद्रह हजार लोगों को तीन दिन में टीका लगाने का लक्ष्य था। इसका आधा टीकाकरण भी महाअभियान में नहीं हो पाया। कई लोगों के नंबर विभाग को नहीं मिल रहे हैं। वह नंबर गलत बताए जा रहे हैं। ऐसे लोगों को ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है। 25 दिसंबर तक करीब 60 हजार लोगों को भी दूसरा टीका लगवाकर वैक्सनीनेशन का शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की कोशिश है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारसन और इमलीखेड़ा-धर्मपुर के तहत भी ऐसे दस-दस गांवों की सूची प्रशासन को मिली है जहां टीकाकरण की रफ्तार कम है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने तीन सप्लाई इंस्पेक्टरों को इन क्षेत्रों के राशन डीलरों के जरिए ग्रामीणों को पहली और दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित करने को कहा। इसकी सूचना हर दिन नोडल अधिकारी एएसडीएम को देने को कहा गया। सेशन साइट व्यवस्थापक रामकेश गुप्ता ने बताया कि रविवार को वैक्सीनेशन के लिए पंद्रह टीम लगाई गई थी। सीएमएस डॉ. संजय कंसल का कहना है कि अगर तीसरी लहर आयी और जिसने पूरा टीकाकरण नहीं किया है ऐसे लोगों की इम्युनिटी कम होगी। लोगों को सचेत रहते हुए खुद ही टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए।

