HARIDWAR

एसओपी लागू को लेकर व्यापारी व समाजिक संगठन भड़के, कोतवाली नगर के बाहर धरना देकर किया प्रदर्शन

हरिद्वार……..

कुंभ मेले में सरकार द्वारा एसओपी को लेकर व्यापार मण्डल सहित विभिन्न समाजिक संगठनों ने आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार को कोतवाली नगर के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रशासन को चेताया कि अगर एसओपी को जल्द निरस्त नही किया गया तो व्यापारियों को बड़ा निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पडे़गा। व्यापार मण्डल सहित विभिन्न समाजिक संगठनों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कोतवाली नगर के बाहर धरना दिया। एसओपी के विरोध में कार्यक्रम प्रांतीय उद्योग प्रतिनिधि व्यापार मंडल के बैनर तले सांकेतिक तौर पर दिया गया। जिसमें श्रीगंगा सभा, होटल कारोबारी, ट्रैवल्स व्यवसायी, धर्मशाला प्रबंधक, टैक्सी यूनियन समेत कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लेते हुए एसओपी को वापस लेने की मांग की। प्रांतीय उद्योग प्रतिनिधिव्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेश गुलाटी ने कहा कि हरिद्वार धर्मनगरी से करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। सरकार ने एसओपी जारी कर करोड़ों लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने का काम किया है। आरटीपीसीआर जांच की नेगेटिव रिपोर्ट की बाध्यता बिल्कुल खत्म की जाए। शाही स्नान के दिन ट्रेनें न चलाने का फैसला सरकार को वापस लेना होगा, स्नान पर्वों पर ट्रेनें जरुर चलाई जाएं। उनका स्टॉपेज ज्वालापुर, मोतीचूर, रायवाला कहीं भी रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने शाही स्नान के दिन आवश्यक वस्तुओं को छोड़ अन्य सभी दुकानों को बंद रखने का जो फरमान जारी किया है यह बिल्कुल गलत है। यापारियों को अपना समर्थन देते हुए शाही स्नान के दिन पूरा हरिद्वार बंद रखना होगा। व्यापारी वर्ग अपनी एकजुटता दिखानी होगी। जिला महामंत्री संजीव नैय्यर ने कहा कि 72 घंटे पहले आरटीपीसीआर जांच की नेगेटिव रिपोर्ट लाने का फरमान बहुत गलत है। उत्तर प्रदेश में माघ मेला तो वृंदावन में कुंभ का नाम देकर मेले का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन हरिद्वार में ही सरकार को कुंभ के नाम पर कोरोना दिखाई दे रहा है। सरकार सोची समझी साजिश के तहत हरिद्वार में कुंभ नहीं कराना चाहती है। जब कुंभ ही नहीं कराना तो फिर व्यवस्थाओं का नाटक क्यों किया जा रहा है। जल्द एसओपी निरस्त न हुई तो व्यापारी एक बड़ा निर्णय लेगा। व्यापार मंडल के युवा जिलाध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहा कि कोरोना के बाद कुंभ से व्यापारियों को बहुत उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने एसओपी जारी कर श्रद्धालुओं के लिए कठोर नियम बना दिए। सरकार को इस एसओपी को निरस्त करना होगा। हरिद्वार होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि कुंभ का निमंत्रण मां गंगा देती है। सरकार केवल अपनी व्यवस्था नोटिफिकेशन जारी करती है। ये नोटिफिकेशन की व्यवस्था 150 साल पहली है। कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सभी रास्ते खोल दिए जाएं। हरिद्वार की जनता सभी श्रद्धालुओं की सेवा करेगी। कांवड़ मेले में सरकार की तरफ से कोई बजट नहीं होता। हरिद्वार की जनता लाखों करोड़ों कांवड़ियों की सेवा करती है। उन्होंने संत समाज से भी आगे आकर एसओपी का विरोध करने की अपील की। प्रांतीय उद्योग प्रतिनिधि व्यापार मंडल के पूर्व जिलाध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि एसओपी हरिद्वार और व्यापारियों के हित के खिलाफ है। उत्तर प्रदेश में माघ मेला और कुंभ मेला हुआ, इसी तरह हरिद्वार में भी कुंभ कराया जाए। धर्मशाला रक्षा समिति के महामंत्री विकास तिवारी ने कहा कि कोरोना के बाद से व्यापारी, होटल कारोबारियों के साथ ही धर्मशाला प्रबंधक भी त्रस्त हैं। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट का नियम तर्कसंगत नहीं है। एक प्रतिनिधि मंडल बनाकर मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री से लेकर सांसद से मिला जाएगा। इस धरने में भारी संख्या में व्यापारियों सहित विभिन्न समाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।  (फोटो-03,04)