UTTARAKHAND

नई शिक्षा नीति से युवा रोजगार के लिए होंगे तैयार: डॉ. धन सिंह   

विकासनगर

इंडियन पब्लिक स्कूल राजावाला में ‘शिक्षा के गुणात्मक सुधार हेतु एक कदम विषय पर आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के समापन पर शिक्षाधिकारियों ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए विचार रखे। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि नई शिक्षा नीति लागू कर छात्र-छात्राओं को रोजगार के लिए तैयार करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। शनिवार को हुए कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि स्कूलों में गुणात्मक सुधार के लिए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और खंड शिक्षाधिकारी की संयुक्त बैठक आयोजित करें। जिससे कि विद्यालयों को सभी योजनाओं का लाभ मिल सके। अपर परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने कहा कि स्कूल मेरा है, इसकी भावना शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों में विकसित की जानी जरूरी है। इससे प्रत्येक व्यक्ति खुद को स्कूल से जुड़ा महसूस करते हुए उसके विकास के लिए सकारात्मक प्रयास करेगा। महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि पंचायतों को प्राप्त धनराशि से टाईड अनुदान के तहत स्वच्छता, ओडीएफ, स्तर सुदृढ़ीकरण और पेयजल आपूर्ति का लाभ स्कूलों को दिया जा सकता है। जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक शिक्षा पदमेंद्र सकलानी ने कहा कि विद्यालयों के विकास में सरकार और शिक्षा विभाग के साथ ही समाज की जिम्मेदारी अहम है। स्कूल की खामियों और खूबियों को शामिल कर सुधार पर जोर दिया जाना चाहिए। विद्या भारती के संगठन मंत्री भुवन चंद्र ने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति, खान-पान, रीति रिवाज के साथ ही नैतिक शिक्षा को शामिल किया जाना चाहिए। इस दौरान केके गुप्ता, अशोक कुमार जकारिया, ललित मोहन चमोला, डा. आनंद भारद्वाज, पंकज शर्मा, वीपी सिंह, हिमांशु कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।