लकड़ी तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें: मुख्य वन संरक्षक
विकासनगर
जौनसार बावर दौरे पर आए मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल मंडल सुशांत पटनायक ने वन विभाग के आला अधिकारियों के साथ कालसी और चकराता वन प्रभाग के कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लकड़ी तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को दिए। मंगलवार को मुख्य वन संरक्षक ने भूमि संरक्षण वन प्रभाग अंतर्गत कोठा तारली और चकराता वन प्रभाग के कनासर में वनीकरण के तहत लगाए गए पौधों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पौधरोपण के बाद उनका संरक्षण करने के निर्देश दिए। कहा कि वनीकरण के कार्य स्थानीय समाज के साथ मिलकर किए जाने चाहिए, जिससे समाज के लोग लगाए गए पौधों की सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सके। कहा कि वनों की सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। प्रकृति के दोहन से दूरगामी परिणाम मानव के लिए अच्छे नहीं होते हैं। वन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए मुख्य वन संरक्षक ने सभी वन विश्राम गृहों का सुधारीकरण करने और बुधेर से मोयला टॉप ट्रैक रूट के विकास की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मानव और वन्य जीव संघर्ष की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जंगलों के अनियंत्रित दोहन से जैव विविधता प्रभावित होने के साथ ही जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मानव और वन्य जीवों में संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस संघर्ष में नुकसान दोनों को हो रहा है। इसके लिए जरूरी है कि जंगलों के अनियंत्रित दोहन पर रोक लगे। उन्होंने लकड़ी तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी अधीनस्थ अधिकारियों को दिए। इस दौरान वन संरक्षक यमुना वृत्त डा. विनय कुमार भार्गव, डीएफओ कल्याणी नेगी, वन क्षेत्राधिकारी जीएस धमांदा, वन दरोगा देवेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।

